जरुरी जानकारी | कोविड-19 के बाद निष्पक्ष, समावेशी कार्यस्थल के लिये प्रौद्योगिकी के उपयोग की जरत: डब्ल्यूईएफ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने मंगलवार को कोविड-19 के बाद की दुनिया में कार्यस्थलों को निïष्पक्ष, समतामूलक और विविधतापूर्ण बनाने के लिये अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग के साथ मानव केंद्र्रित रुख अपनाने का आह्वान किया है।
नयी दिल्ली, 23 जून विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने मंगलवार को कोविड-19 के बाद की दुनिया में कार्यस्थलों को निïष्पक्ष, समतामूलक और विविधतापूर्ण बनाने के लिये अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग के साथ मानव केंद्र्रित रुख अपनाने का आह्वान किया है।
मंच ने कहा कि कंपनियां अब कोविड-19 संकट से उबर रही हैं, ऐसे में उनके पास यह सुनिश्चित करने का अवसर है कि नई व्यवस्था समानतामूलक, समावेशी और न्यायपूर्ण हो और जाति, नस्ल, स्त्री-पुरूष के आधार पर भेदभाव, पक्षपात और अंतर समाप्त हो।
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जिनेवा स्थित डब्ल्यूईएफ ने कहा कि अकेले प्रौद्योगिकी निïष्पक्ष, समान और विविध रूपों वाला कार्यस्थल नहीं बना सकती। बल्कि इसके लिये प्रौद्योगिकीय उपायों के साथ मानव केंद्रित रुख की भी जरूरत है।
डब्ल्यूईएफ सार्वजनिक-निजी भागीदारी के लिये एक अतंरराष्ट्रीय संगठन है।
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मंच ने ‘विविधता, समानता और समावेश 4.0 टूलकिट’ जारी करते हुए कहा कि बेहतर गतिविधियां स्थापित करने में सक्षम नई प्रौद्योगिकियां पहले पहुंच से बाहर थी।
उदाहरण के लिये नई प्रणाली रोजगार के लिये आने वाले आवेदनों की विस्तृत रूप से समीक्षा कर सकती है। ये प्रणाली पक्षपात को चिन्हित कर सकती हैं और उसमें कमी ला सकती है। यह न केवल पारदर्शिता लाने में सक्षम है बल्कि समय पर विश्लेषण करने की भी क्षमता रखता है।
यह प्रणाली (टूल किट) अनुसंधानों का हवाला देते हुए कहती है कि बेहतर प्रबंधित विविधता वाली टीम का प्रदर्शन लाभ, नवप्रवर्तन, निर्णय लेने के मामले और कर्मचारियों को जोड़ने के लिहाज से शानदार होता है। इसके विपरीत जो कंपनी अपने समकक्ष दूसरी फर्म की तुलना में विविधता, समानता और समावेश के मामले में पीछे हैं, उनके औसत से अधिक लाभ कमाने की संभावना कम है।
डब्ल्यूईएफ की प्रबंध निदेशक सादिया जाहिदी ने कहा, ‘‘जो सफल कंपनियां या संगठन हैं, उनमें उनके कर्मचारियों के विचार, कौशल और अनुभव विविधतापूर्ण होते हैं...।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 संकट के बाद बनने वाली ‘नई व्यवस्था’ में कार्यस्थलों पर नस्ली भेदभाव समाप्त करना, समावेश को बढ़ावा और सभी प्रकार के मानवीय विविधता सुनिश्चित करने की जरूरत है और यह साफ है कि प्रौद्योगिकी इसे हकीकत रूप देने में मदद कर सकती है।’’
‘टूलकिट’ का विकास समानता और समावेशी एजेंडे पर काम कर रही डब्ल्यूईएफ की ‘ग्लोबल फ्यूचर काउंसिल’ से जुड़े लोगों और अग्रणी विशेषज्ञों ने किया है।
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