जरुरी जानकारी | जैश जैसे संगठनों के जरिये पाकिस्तान के आतंकवादी कृत्यों का हम शिकार रहे हैं: भारत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक में कहा कि भारत जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के जरिये पाकिस्तान के आतंकवादी कृत्यों का शिकार रहा है और यह ‘‘बड़ी विडंबना’’ है कि आतंकवाद का वैश्विक केंद्र इस संकट के खिलाफ लड़ने का दावा करते हुए अपनी पीठ थपथपाता है।
संयुक्त राष्ट्र, 19 फरवरी संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक में कहा कि भारत जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के जरिये पाकिस्तान के आतंकवादी कृत्यों का शिकार रहा है और यह ‘‘बड़ी विडंबना’’ है कि आतंकवाद का वैश्विक केंद्र इस संकट के खिलाफ लड़ने का दावा करते हुए अपनी पीठ थपथपाता है।
चीन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार द्वारा मंगलवार को परिषद की ‘बहुपक्षवाद का अभ्यास, वैश्विक प्रशासन में सुधार’ विषय पर खुली बहस में जम्मू-कश्मीर के बारे में टिप्पणी करने के बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने कड़े शब्दों में देश का रुख स्पष्ट किया।
हरीश ने कहा, ‘‘पाकिस्तान आतंकवाद का वैश्विक केंद्र है, जो 20 से अधिक संयुक्त राष्ट्र-सूचीबद्ध आतंकवादी संगठनों को पनाह देता है और सीमा पार आतंकवाद का समर्थन प्रदान करता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ इसलिए यह एक बड़ी विडंबना है जब पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे होने के लिए खुद की पीठ थपथपाता है। भारत जैश-ए-मोहम्मद और हरकत उल मुजाहिदीन जैसे कई अन्य आतंकवादी संगठनों के जरिये इस देश द्वारा किए गए आतंकवादी कृत्यों का शिकार रहा है।’’
पाकिस्तान स्थित कई आतंकवादी संगठन और लोग संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ‘1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति’ के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं और उनकी संपत्ति जब्त की गई है, उनकी यात्रा पर प्रतिबंध हैं...।
पूर्व में पाकिस्तान के मित्र चीन ने अक्सर भारत और अमेरिका जैसे उसके सहयोगियों द्वारा संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को काली सूची में डालने के लिए प्रस्तुत प्रस्तावों को बाधिक किया है।
हरीश ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद का कोई भी रूप, प्रकार और उद्देश्य चाहे जो भी हो, उसे उचित नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी राजनीतिक शिकायत निर्दोष नागरिकों के खिलाफ किए गए आतंकवाद को उचित नहीं ठहरा सकती। यह संस्था अच्छे और बुरे आतंकवादियों के बीच कोई अंतर नहीं कर सकती है।’’
उन्होंने कहा कि डार को इस बात पर ध्यान देना चाहिए और परिषद का समय बर्बाद न किया जाए।
हरीश ने साथ ही कहा कि जम्मू-कश्मीर हमेशा से भारत का अभिन्न व अविभाज्य अंग था, है और रहेगा। वास्तव में यह पाकिस्तान है जिसने ‘‘ जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जा’’ कर रखा है।
उन्होंने कहा, ‘‘गलत सूचना और भ्रामक जानकारी, झूठ व मिथ्य प्रचार के पाकिस्तान के अभियान जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकते।’’
जम्मू-कश्मीर में पिछले साल सितंबर-अक्टूबर में हुए विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए हरीश ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने चुनाव में हिस्सा लिया और अपनी सरकार चुनने के लिए बड़ी संख्या में मतदान किया।
उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर के लोगों की पसंद स्पष्ट है। पाकिस्तान की स्थिति से विपरीत, जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र जीवंत और मजबूत है...’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 19, 2025 11:56 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

