जरुरी जानकारी | भारत की इस्पात उत्पादों पर अंकुश के जवाब में ब्रिटेन को जवाबी शुल्क लगाने की चेतावनी

नयी दिल्ली, एक सितंबर भारत ने ब्रिटेन से आयातित लगभग 25 करोड़ डॉलर के सामान पर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के तहत जवाबी सीमा शुल्क लगाने की चेतावनी दी है।

भारत ने इस्पात उत्पादों पर ब्रिटेन द्वारा अंकुश लगाने से संबंधित मामले में मुआवजे को लेकर कोई समझौता नहीं होने की स्थिति में यह कदम उठाने की बात कही है।

भारत ने 2024 तक कुछ स्टील उत्पादों के आयात पर रक्षोपाय शुल्क और कोटा अंकुश बढ़ाने के ब्रिटेन के कदम पर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में चिंता जताई है। भारत का कहना है कि इस क्षेत्र में उसका पर्याप्त व्यापारिक हित है।

डब्ल्यूटीओ के अनुसार, भारत ने ब्रिटेन को अपनी चिंताओं के बारे में बताते हुए कहा है कि जिस तरह से रक्षोपाय को बढ़ाया गया है, वह वैश्विक व्यापार प्रावधानों और डब्ल्यूटीओ के नियम समझौते का उल्लंघन है।

भारत ने समझौते के तहत मुआवजे का अनुरोध किया है जबकि ब्रिटेन ने असहमति जताई है लेकिन वह मुआवजे के पर्याप्त साधनों पर चर्चा करने के लिए तैयार हो गया है।

भारत ने डब्ल्यूटीओ में कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि इन रक्षोपायों से निर्यात में 219 हजार टन की गिरावट आई है, जिस पर शुल्क संग्रह 24.77 करोड़ डॉलर होगा।’’

सरकार के पास हालांकि इस अधिसूचना को वापस लेने, संशोधित करने या बदलने का अधिकार भी है।

गौरतलब है कि 2020-21 में 13.2 अरब डॉलर की तुलना में 2021-22 में भारत और ब्रिटेन का द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 17.5 अरब डॉलर हो गया है। वहीं, 2021-22 में भारत का निर्यात 10.5 अरब डॉलर था, जबकि आयात सात अरब डॉलर था।

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