देश की खबरें | बंगाल में केंद्रीय दलों के दौरे को लेकर टीएमसी-भाजपा में वाक युद्ध

कोलकाता, पांच जनवरी प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत घरों के आवंटन में अनियमितताओं की शिकायतों को देखने के लिए केंद्रीय दलों के पश्चिम बंगाल का दौरा करने को लेकर बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी के बीच ज़बानी जंग छिड़ गई।

टीएमसी ने मालदा और पूर्व मिदनापुर जिलों में केंद्रीय दलों के दौरे को भाजपा नीत केंद्र सरकार का ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया।

आरोप है कि कुछ जिलों में ऐसे लोगों के आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है जिनके पास बहुमंजिला घर हैं। इसके बाद से बीते कुछ दिनों में राज्य में पीएमएवाई योजना में कथित अनियमितता को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय दलों के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेताओं के भ्रष्टाचार पर आंखें मूंदने और टीएमसी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्र की आलोचना की।

राज्य को मनरेगा के तहत कोष का भुगतान नहीं करने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा, “ केंद्र मनरेगा के तहत राशि जारी नहीं कर रहा है, लेकिन वह पीएमएवाई के कार्यान्वयन का आकलन करने के लिए केंद्रीय दल भेज रहा है। हमने जांच की है और उन लोगों के 17 लाख आवेदनों को रद्द कर दिया है जिनके पास दो-तीन मंजिला इमारतें हैं।”

बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, “ भाजपा नेताओं ने दो-तीन मंजिला इमारत होने के बावजूद पीएमएवाई के तहत पैसा लिया है।”

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने तीन जनवरी को राज्य सरकार को दौरे के बारे में सूचित करते हुए एक संदेश भेजा था। केंद्रीय ग्रामीण विकास विभाग के उप सचिव शक्ति कांति सिंह और निदेशक शैलेश कुमार क्रमशः मालदा और पूर्व मिदनापुर में दलों का नेतृत्व कर रहे हैं।

बनर्जी की हां में हां मिलाते हुए, टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने “बदले की राजनीति” करने के लिए केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया।

उन्होंने कहा, “ केंद्र बदले की राजनीति कर रहा है। वह उत्तर प्रदेश और अन्य भाजपा शासित राज्यों में दल नहीं भेज रहा है, जहां ऐसी ही शिकायतें हैं।’

राज्य के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रदीप मजूमदार ने पीटीआई- से कहा, “ दो केंद्रीय दल मालदा और पूर्व मिदनापुर जिलों का क्षेत्र निरीक्षण के लिए दौरा कर रहे हैं। वे जहां भी चाहें वहां जा सकते हैं।”

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