यह चुनाव ऐसे वक्त हो रहा है जब यूरोपीय संघ के इस देश में सांस्कृतिक और राजनीतिक विभाजन गहरा गया है।
राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा (48) को सत्ताधारी लॉ एंड जस्टिस पार्टी का समर्थन प्राप्त है। उनके मुकाबले में 10 और उम्मीदवार खड़े हैं । डूडा को जीत मिलती है या नहीं, लेकिन सत्ताधारी दल का पोलैंड में दबदबा बना रहेगा । इस चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति डूडा दूसरा कार्यकाल हासिल करने के लिए प्रयासरत हैं।
हालिया सर्वेक्षण में पता चला है कि किसी भी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत जरूरी वोट मिलने की संभावना नहीं है। ऐसी स्थिति में सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाले दो उम्मीदवारों के बीच 12 जुलाई को मुकाबला होगा ।
पहले यह चुनाव 10 मई को ही होने वाला था लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया ।
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रविवार को रात नौ बजे (स्थानीय समयानुसार) मतदान केंद्रों के बंद होने के ठीक बाद एक्जिट पोल की घोषणा की जाएगी। अंतिम आधिकारिक नतीजे बुधवार को आने की संभावना है ।
डूडा को वॉरसॉ के मेयर रफाल त्रजासकोवस्की (48) से कड़ी चुनाती मिल रही है। त्रजासकोवस्की को मध्यमार्गी सिविक प्लेटफॉर्म पार्टी का समर्थन प्राप्त है ।
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