देश की खबरें | विवेकानन्द रेड्डी हत्याकांड: न्यायालय ने सीबीआई, भास्कर रेड्डी को नोटिस जारी किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने 2019 में कांग्रेस के पूर्व सांसद वाईएस विवेकानंद रेड्डी की हत्या के मामले में सीबीआई और कडप्पा सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी के पिता वाईएस भास्कर रेड्डी से उनकी जमानत याचिका के खिलाफ दायर आवेदन पर जवाब मांगा।
नयी दिल्ली, छह दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने 2019 में कांग्रेस के पूर्व सांसद वाईएस विवेकानंद रेड्डी की हत्या के मामले में सीबीआई और कडप्पा सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी के पिता वाईएस भास्कर रेड्डी से उनकी जमानत याचिका के खिलाफ दायर आवेदन पर जवाब मांगा।
प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने दिवंगत नेता वाईएस विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता नारेड्डी की ओर से पेश वकील जेसल वाही की दलीलों पर गौर किया।
सुनीता ने निवेदन किया कि भास्कर रेड्डी को जमानत दिए जाने का तेलंगाना उच्च का आदेश निरस्त किया जाना चाहिए।
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के चाचा विवेकानंद रेड्डी की मार्च, 2019 में कडप्पा जिले के पुलिवेंदुला में उनके घर पर हत्या कर दी गई थी। वर्ष 2020 में जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी जिसने घटना में एक गहरी साजिश और कई लोगों की संलिप्तता होने का आरोप लगाया था।
वाही ने उच्च न्यायालय द्वारा 3 मई, 2024 को भास्कर रेड्डी को दी गई जमानत को रद्द करने का आग्रह करते हुए कहा कि वह और सह-अभियुक्त उनके सांसद बेटे वाईएस अविनाश रेड्डी गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं जिससे मुकदमे पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
सुनीता की याचिका में दलील दी गई कि तेलंगाना उच्च न्यायालय ने भास्कर रेड्डी को जमानत देकर गलती की।
इसमें आरोप लगाया गया कि भास्कर रेड्डी ने हत्या की योजना बनाने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें यह गलत सूचना फैलाना भी शामिल था कि मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई।
अदालत ने आरोपी को नोटिस जारी किया और याचिका पर अगली सुनवाई मार्च 2025 के लिए निर्धारित कर दी।
वर्तमान याचिका के अलावा, शीर्ष अदालत ने मामले से संबंधित कई याचिकाओं पर विचार किया है जिनमें जमानत आदेशों को चुनौती देना और गवाहों को डराने-धमकाने के आरोप शामिल हैं।
पिछली याचिकाओं में से एक में वाई एस अविनाश रेड्डी को दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती दी गई थी।
मामले में एक अन्य आरोपी डी शिव शंकर रेड्डी को दी गई नियमित जमानत के खिलाफ एक और याचिका दायर की गई थी।
शीर्ष अदालत ने 19 नवंबर को सुनीता और सीबीआई अधिकारी राम सिंह द्वारा दायर दो अलग-अलग याचिकाओं पर आंध्र प्रदेश पुलिस और अन्य से जवाब मांगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस ने जारी जांच को पटरी से उतारने के लिए उनके खिलाफ जवाबी प्राथमिकी दर्ज की। उन्होंने शीर्ष अदालत से आपराधिक कार्यवाही को निरस्त करने का आग्रह किया।
विवेकानंद रेड्डी के पूर्व निजी सहायक एम वी कृष्णा रेड्डी द्वारा दर्ज कराए गए एक आपराधिक मामले में सुनीता को सीबीआई अधिकारी राम सिंह के साथ आरोपी के रूप में नामित किया गया था।
न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद दर्ज की गई प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि एमवी कृष्णा रेड्डी को सीबीआई अधिकारी ने कडप्पा की केंद्रीय जेल के एक गेस्ट हाउस में बंद कर रखा था और उनसे झूठे सबूत देने के लिए कहा गया था।
दिसंबर, 2023 में पुलिवेंदुला में एक मजिस्ट्रेट ने पुलिस को उत्पीड़न और यातना के आरोपों के आधार पर सुनीता तथा अन्य के खिलाफ एक नयी प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद वर्तमान कार्यवाही शुरू हुई।
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने मई 2024 में प्राथमिकी को निरस्त करने की याचिकाकर्ताओं की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद उच्चतम न्यायालय में वर्तमान अपील दायर की गई।
शीर्ष अदालत ने अपील पर गौर किया और 19 नवंबर को प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया।
हत्या के मामले में कई मोड़ आए हैं, जिनकी शुरुआत 2019 में आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले हुए अपराध से हुई, जिससे राजनीतिक मंशा का संदेह पैदा हुआ।
शुरुआत में राज्य पुलिस द्वारा जांच की गई। इसके बाद मामला 2020 में सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया और केंद्रीय जांच एजेंसी ने हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाते हुए 16 अप्रैल, 2023 को भास्कर रेड्डी को गिरफ्तार कर लिया था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 06, 2024 08:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

