देश की खबरें | टीएमसी, भाजपा के बीच राजनीतिक विवाद के कारण विवेकानंद जयंती समारोह प्रभावित हुआ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में स्वामी विवेकानंद की 161वीं जयंती का समारोह शुक्रवार को राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच राजनीतिक विवाद के कारण प्रभावित हुआ।

कोलकाता, 12 जनवरी पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में स्वामी विवेकानंद की 161वीं जयंती का समारोह शुक्रवार को राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच राजनीतिक विवाद के कारण प्रभावित हुआ।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नगर निकायों में भर्ती में अनियमितता मामले की जांच को लेकर शुक्रवार की सुबह पश्चिम बंगाल के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा मंत्री सुजीत बोस, टीएमसी के विधायक तापस रॉय और उत्तरी दमदम नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष सुबोध चक्रवर्ती के आवासों पर छापे मारे।

भाजपा नेताओं ने टीएमसी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जिस पर सत्तारूढ़ पार्टी ने तीखी और त्वरित प्रतिक्रिया व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

इस दिन को पूरे देश में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

धार्मिक सौहार्द पर स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को बनाये रखने के लिए महानगर में टीएमसी महिला इकाई द्वारा एक रैली आयोजित की गई, जबकि राजनीतिक दलों के नेताओं और आम लोगों ने शहर में उनके पैतृक आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस बीच राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मध्य कोलकाता में स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि दी।

अधिकारी ने टीएमसी पर राज्य में भ्रष्ट शासन चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘टीएमसी राज्य की अब तक की सबसे भ्रष्ट सरकारों में से एक है। ईडी अधिकारी छापेमारी कर रहे हैं क्योंकि उनके पास नगर निकाय भर्ती घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ कुछ ठोस सबूत हैं।’’

अधिकारी ने बोस को अपना ‘‘बैग पैक’’ रखने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें ‘‘लंबे समय तक जेल में रहना होगा।’’

इस टिप्पणी पर टीएमसी ने त्वरित और तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। टीएमसी ने अधिकारी पर घटना का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।

टीएमसी की वरिष्ठ नेता एवं मंत्री शशि पांजा ने अधिकारी की टिप्पणी की निंदा की।

विवेकानंद के आवास पर गये टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इस संबंध में कोई भी राजनीतिक टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां स्वामी विवेकानंद के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए आया हूं। यह राजनीतिक द्वंद्व का स्थान नहीं है। यदि कोई इस जगह पर राजनीतिक टिप्पणी करता है तो यह उसकी मानसिकता को दर्शाता है। यदि मुझे कोई राजनीतिक बयान देना है तो ऐसा करने के लिए अन्य स्थान भी हैं।’’

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