पुलिस के मुताबिक इसके साथ ही पुलिस मुठभेड़ में लूटे गये सभी हथियार बरामद कर लिये गये हैं।
एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने मंगलवार को कानपुर में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया, “मंगलार को एसओजी टीम, शिवराजपुर और रेल बाजार पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा वांछित अभियुक्त 50,000 रुपये का इनामी अभियुक्त शशिकान्त उर्फ सोनू पाण्डेय पुत्र प्रेम कुमार पाण्डेय उर्फ रामाराम निवासी ग्राम बिकरू थाना चौबेपुर को रात्रि दो बजकर 50 मिनट पर मेला तिराहा कस्बा चौबेपुर से गिरफ्तार किया गया।”
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उन्होंने बताया कि पूछताछ में उसने घटना में अपनी संलिप्तता के साथ विकास दुबे, अमर दुबे, अतुल दुबे, प्रेम कुमार, प्रभात मिश्रा, बउअन, हीरु, शिवम, जिलेदार, रामसिंह. रमेशचन्द्र, गोपाल सैनी, अखिलेश मिश्रा, विपुल , श्यामू बाजपेयी, राजेन्द्र मिश्रा, बालगोविन्द दुबे, दयाशंकर अग्निहोत्री आदि लोगों का सम्मिलित होना बताया। शशिकांत ने बताया कि लूटा गया असलहा अपने तथा विकास दुबे के मकान में विकास दुबे के कहने पर छिपा दिया था। एडीजी ने बताया कि इसकी निशानदेही पर विकास दुबे के घर से एके-47 व 17 कारतूस तथा शशिकान्त से घर से इंसास रायफल व 20 अदद कारतूस बरामद किया गया।
उन्होंने बताया कि इन दो हथियारों की बरामदगी के साथ ही दो-तीन जुलाई की दरमियानी रात पुलिस मुठभेड़ में लूटे गये पुलिस के सभी हथियार बरामद कर लिये गये हैं । यह हथियार मुठभेड़ के दौरान पुलिस से लूटे गये थे।
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एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि दो-तीन जुलाई की मध्य रात्रि मे बिकरू गांव मे दबिश के दौरान पुलिस पार्टी पर अभियुक्त विकास दुबे व उसके साथियों द्वारा हमला कर हथियारों से फायर कर आठ पुलिस कर्मियों की हत्या कर सरकारी असलहा लूट लिया गया था। इस सम्बन्ध मे थाना चौबेपुर पर मुकदमा पंजीकृत किया गया था तथा अभियुक्तों की गिरफ्तारी व लूटे हुए हथियारों की बरामदगी के लिये एसएसपी कानपुर नगर द्वारा एसपी पश्चिमी व एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गई थीं।
उन्होंने बताया कि बिकरू पुलिस मुठभेड़ में नामित 21 नामजद अभियुक्तों में से चार अभियुक्त गिरफ्तार किये गये है, छह अभियुक्त अलग अलग पुलिस मुठभेड़ मे मारे गये है। उन्होंने कहा कि अभी 11 नामजद अभियुक्त की तलाश की जा रही है।
पुलिस के एक बयान के मुताबिक फरार अभियुक्तों में दो गोपाल सैनी और हीरू दुबे पर एक एक लाख का इनाम घोषित है जबकि बाकी नौ अभियुक्तों पर 50-50 हजार का इनाम घोषित है जिसमें छोटू शुक्ला, शिव तिवारी, राम सिंह, रामू बाजपेयी, शिवम दुबे, बाल गोविंद, भुवन शुक्ला, विष्णु पाल यादव और मोनू शामिल हैं।
मुख्य अभियुक्त विकास दुबे 10 जुलाई को उज्जैन से कानपुर लाते समय गाड़ी पलट जाने के बाद भागने के प्रयास में पुलिस और एसटीएफ की मुठभेड़ में मारा गया था।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार देर रात कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू निवासी अपराधी विकास दुबे को पकड़ने उसके गांव पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था जिसमें एक क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष समेत आठ पुलिस कर्मी मारे गये थे। मुठभेड़ में पांच पुलिसकर्मी, एक होमगार्ड और एक आम नागरिक घायल हो गये थे।
विकास दुबे की मुठभेड़ में मौत से पहले तीन जुलाई की सुबह पुलिस के साथ मुठभेड़ में कानपुर के पास दुबे के कथित सहयोगी प्रेम प्रकाश पांडेय और अतुल दुबे मारे गये थे। जबकि आठ जुलाई को पुलिस ने हमीरपुर के मौदहा में 50 हजार के इनामी बदमाश अमर दुबे को मार गिराया था।
नौ जुलाई को विकास दुबे के दो और कथित सहयोगी कार्तिकेय उर्फ प्रभात और प्रवीण उर्फ बउवा दुबे कानपुर और इटावा में अलग-अलग मुठभेड़ों में पुलिस की गोली से मारे गए थे।
सं. जफर
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