तिरुवनंतपुरम, 12 जून केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 में एक प्रमुख प्रावधान को बहाल करने का आग्रह किया है जो प्राकृतिक आपदाओं के पीड़ितों को वित्तीय राहत प्रदान करने की अनुमति देता है।
मुख्यमंत्री का पत्र केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2025 में अधिसूचित संशोधन के माध्यम से 2005 के अधिनियम से धारा 13 को हटाने के फैसले के बाद आया है।
इस धारा ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को गंभीर प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को आसान शर्तों के तहत ऋण स्थगन और नए ऋण की सिफारिश करने की शक्ति दी थी।
विजयन ने चेतावनी दी कि इस प्रावधान को हटाने से, जिसे मूल रूप से मानवीय आधार पर शामिल किया गया था, आपदा प्रभावित उन परिवारों की पीड़ा और बढ़ जाएगी जो अपना जीवन फिर से संवारने की कोशिश कर रहे हैं।
राज्य सरकार के अनुसार, इस धारा ने भारी नुकसान का सामना कर रहे लोगों को बहुत जरूरी राहत प्रदान की थी और इसे हटाना एक कदम पीछे हटना जैसा है।
विजयन ने प्रधानमंत्री से तत्काल कदम उठाने और इस धारा को बहाल करने के निर्देश जारी करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक सूत्र ने कहा कि यह मुद्दा तब सामने आया जब केंद्र सरकार ने उच्च न्यायालय को सूचित किया कि हालिया संशोधन के कारण, वह अब केरल के वायनाड जिले के मुंडक्कई-चूरलमाला गांवों में आई भूस्खलन की आपदा के पीड़ितों के लिए ऋण माफ करने की अनुमति नहीं दे सकती।
केरल ने आपदा आने के तुरंत बाद 17 अगस्त, 2024 को केंद्र को अपना पहला आपदा राहत अनुरोध प्रस्तुत किया था।
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