देश की खबरें | वीडियो बना इलाज में लापरवाही का आरोप लगाने वाले कोविड-19 मरीज की मौत, अफसरों का लापरवाही से इनकार

हैदराबाद, 29 जून कोविड-19 के 34 वर्षीय एक मरीज ने यहां एक अस्पताल के बिस्तर से अपना सेल्फी वीडियो बनाकर कथित तौर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अपने पिता को उसे भेजा और बाद में उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने हालांकि उसके आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उसे दिल का दौरा पड़ा था जिससे उसकी मौत हुई।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस छोटे से वीडियो में मरीज कह रहा है, “मैं उनसे कह रहा हूं कि मुझे सांस लेने में दिक्कत हो रही है लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी और…रुक गया…इस बात को तीन घंटे हो चुके हैं। मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं। दिल की धड़कन रुक गई है और सिर्फ फेफड़े काम कर रहे हैं। अलविदा डैडी, सभी को अलविदा, डैडी।”

यह भी पढ़े | विजयवाड़ा में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर लॉरी मालिकों ने विरोध प्रदर्शन किया : 29 जून 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

अधिकारियों ने कहा कि सरकारी अस्पताल में भर्ती करने के दो दिन बाद 26 जून को दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हुई। कोरोना वायरस संक्रमित पाए जाने के बाद कुछ लक्षण नजर आने पर उसे भर्ती कराया गया था।

तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री ई राजेंद्र ने मरीज को ऑक्सीजन और इलाज मिलने की बात दोहराते हुए सोमवार को इसे सरकारी अस्पतालों को खराब रोशनी में दिखाने के लिये सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा “अनुचित अभियान” करार दिया जबकि उनके द्वारा हजारों लोगों का इलाज किया गया।

यह भी पढ़े | कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने BSP चीफ मायावती को फिर बताया बीजेपी की प्रवक्ता, कहा- किसी पार्टी के साथ खड़े होने का कोई मतलब नहीं.

संपर्क किये जाने पर अस्पताल के अधिकारी ने कहा कि इलाज में कोई कमी नहीं थी और वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति इलाज के बावजूद मर गया।

अधिकारी ने कहा कि उसे कोविड-19 की जांच में संक्रमित मिलने पर 24 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसे लगातार ऑक्सीजन दिया जा रहा था।

उन्होंने कहा कि अगर दिल से संबंधित मामला संक्रमण के साथ रहता है तो मरीज को लगातार सांस लेने में तकलीफ महसूस होती है।

उन्होंने कहा कि इलाज देने के बावजूद मरीज की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अचानक मौत हो जाती है।

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद पी प्रभाकर ने कहा कि उन्होंने राज्य मानवाधिकार आयोग से इस मामले में शिकायत की है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)