देश की खबरें | कुलपति नियुक्ति : राज्यपाल ने ‘बंगाल सरकार’ के परामर्श नहीं लेने के दावे को ‘खारिज’ किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ.सी.वी.आनंद बोस ने शुक्रवार को राज्य के शिक्षामंत्री ब्रत्य बसु के उस दावे को ‘खारिज’ कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि 11 विश्वविद्यालयों के अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति में राज्य सरकार से परामर्श नहीं लिया गया था।
कोलकाता, दो जून पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ.सी.वी.आनंद बोस ने शुक्रवार को राज्य के शिक्षामंत्री ब्रत्य बसु के उस दावे को ‘खारिज’ कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि 11 विश्वविद्यालयों के अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति में राज्य सरकार से परामर्श नहीं लिया गया था।
राज्यपाल ने कहा कि परामर्श किया गया था, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि उनका कार्यालय राज्य सरकार की सिफारिश पर सहमत हो।
राजभवन में आयोजित कार्यक्रम से इतर बोस ने कहा, ‘‘परामर्श का अभिप्राय सहमति नहीं है।’’
उल्लेखनीय है कि कलकत्ता, यादवपुर और बर्दवान विश्वविद्यालय उन 11 विश्वविद्यालयों में शामिल हैं जिनके अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति राज्यपाल ने की है। इन विश्वविद्यालयों को राज्य सरकार अनुदान देती है या उनका संचालन करती है।
राजभवन के सूत्रों ने दावा किया कि दक्षिण दिनाजपुर जिले के संस्थान को छोड़ बाकी 10 अंतरिम कुलपतियों ने कार्यभार संभाल लिया है और कुलाधिपति द्वारा जारी दिशानिर्देश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
शिक्षा विभाग के सूत्र ने बताया, ‘‘दक्षिण दिनाजपुर जिला स्थित विश्वविद्यालय के नियुक्त किए गए अंतरिम कुलपति को अज्ञात लोगों से धमकी मिल रही है, इसलिए उन्होंने कार्यभार नहीं संभालने का फैसला किया है।’’
राज्यपाल कार्यालय से बृहस्पतिवार को अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति संबंधी आदेश जारी होने के बाद बासु ने कहा था कि राजभवन का फैसला ‘एकतरफा’ और ‘ कानून का उल्लंघन’ है।
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