देश की खबरें | ‘वेक्टर व स्कॉर्पियन’ ड्रोन का वास्तविक नियंत्रण रेखा पर परीक्षण किया जाएगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध क्षेत्र में इस्तेमाल किए जा रहे अत्याधुनिक “वेक्टर व स्कॉर्पियन” ड्रोन 65 किलोमीटर की ‘टेलीमेट्रिक रेंज’ के साथ भारत का सबसे लंबी दूरी का ड्रोन है और सशस्त्र बलों में संभावित तौर पर शामिल किए जाने से पहले जुलाई में इसका लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर परीक्षण किया जाएगा।
जम्मू, सात जून रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध क्षेत्र में इस्तेमाल किए जा रहे अत्याधुनिक “वेक्टर व स्कॉर्पियन” ड्रोन 65 किलोमीटर की ‘टेलीमेट्रिक रेंज’ के साथ भारत का सबसे लंबी दूरी का ड्रोन है और सशस्त्र बलों में संभावित तौर पर शामिल किए जाने से पहले जुलाई में इसका लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर परीक्षण किया जाएगा।
‘टू-इन-वन’ मानवरहित हवाई प्रणाली (यूएएस) एक खुफिया, निगरानी और टोही (आईएसआर) ड्रोन है, जो सैन्य और अन्य सुरक्षा बलों दोनों को मजबूती प्रदान करता है। ड्रोन का निर्माण करने वाली कंपनी के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को कहा कि यह दुनिया भर में दुर्गम इलाकों और शहरी क्षेत्रों में सेवा में मौजूदा अधिकांश सामरिक यूएएस प्रणालियों के प्रदर्शन से कहीं बेहतर है।
ड्रोन का निर्माण करने वाली कंपनी रोटर प्रेसिजन इंस्ट्रूमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के उपाध्यक्ष कुशाग्र अग्रवाल ने कहा, “रूस और यूक्रेन के बीच, वे (कुछ देश) उस क्षेत्र (युद्ध क्षेत्र) में ये ड्रोन उड़ा रहे हैं। जुलाई में लद्दाख में एलएसी पर इसका परीक्षण किया जाएगा।”
उन्होंने अन्य जानकारी देते हुए कहा कि “वेक्टर और स्कॉर्पियन” ड्रोन पिछले साल पेश किया गया था और हाल ही में जम्मू और कश्मीर के उधमपुर में सेना की उत्तरी कमान मुख्यालय में ‘नॉर्थ टेक सिंपोजियम 2022’ के दौरान इन्हें प्रदर्शित किया गया था, जिसे सशस्त्र सेनाओं के अधिकारियों से काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली।
अग्रवाल ने कहा, “यह पहला ड्रोन है जिसकी रेंज 65 किलोमीटर है। उदाहरण के लिए, अगर मैं उधमपुर में बैठा हूं, तो ड्रोन मुझे जम्मू से सीधी तस्वीरें दे सकता है।”
उन्होंने कहा, “कोई अन्य भारतीय कंपनी आपको 65 किलोमीटर की रेंज नहीं दे सकती है।”
अधिकारियों ने बताया कि यह ‘आईपी 66 रेटिंग’ वाला ड्रोन है। अग्रवाल ने कहा, “इसका मतलब है कि यह बूंदाबांदी के दौरान भी उड़ सकता है। बर्फबारी होने पर यह उड़ सकता है। भू-स्तर से 5,000 मीटर ऊपर तक इसका परीक्षण किया जा चुका है। यह इसे एक विश्वसनीय ड्रोन बनाता है।”
अमेरिकी मरीन कोर, फ्रांसीसी पुलिस और जर्मन पुलिस ड्रोन का इस्तेमाल कर रही हैं।
अधिकारियों ने कहा कि वेक्टर की गणितीय परि ‘क्वांटम-सिस्टम’ के नवीनतम यूएवी के लिए बहुत अच्छी तरह से फिट बैठती है। एक अधिकारी ने कहा, “यह किसी भी दिशा में उड़ान भर सकता है - ऊपर, आगे या नीचे... ऊर्ध्वाधर टेक-ऑफ, ऊर्जा कुशल, लंबी दूरी की, फिक्स्ड-विंग उड़ान और एक ऊर्ध्वाधर लैंडिंग के साथ वापसी। सभी स्वचालित, कोई पायलट या ऑपरेटर इनपुट की आवश्यकता नहीं है, बस उड़ान भरनी है।”
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