देश की खबरें | उत्तराखंड : मदरसों में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति वितरण में ‘धांधली’ की जांच के आदेश

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मदरसों में प्रदान की जाने वाली अल्पसंख्यक छात्रवृति के वितरण में कथित धांधली की जांच के आदेश दिए हैं।

देहरादून, 17 जुलाई उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मदरसों में प्रदान की जाने वाली अल्पसंख्यक छात्रवृति के वितरण में कथित धांधली की जांच के आदेश दिए हैं।

यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते को प्रकरण की गहनता से जांच करने के आदेश दिए हैं।

यह कथित धांधली तब सामने आयी जब उधमसिंह नगर जिले में 2021-2022 और 2022-2023 के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर दर्ज अल्पसंख्यक छात्रवृति आवेदकों की प्रमाणिकता जांचने के लिए 796 बच्चों के दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई जिनमें से छह मदरसों में पढ़ने वाले 456 बच्चों के बारे में जानकारी संदिग्ध पाई गई।

इन संदिग्ध मामलों में किच्छा का सरस्वती शिशु मंदिर हाईस्कूल का नाम भी शामिल है जो अल्पसंख्यक विद्यालय नहीं है। दूसरी बात संदिग्ध यह पायी गयी कि इसका संचालक मोहम्मद शारिक अतीक बताया गया है।

इस संबंध में, धकाते ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर के नाम से एक वर्ग विशेष द्वारा अल्पसंख्यक छात्रवृति लेने का मामला संज्ञान में आने के साथ ही अन्य मदरसों द्वारा राष्ट्रीय छात्रवृति में दर्ज आवेदनों को लेकर भी संदेह पैदा हुआ है जिसके मुख्यमंत्री द्वारा गहन जांच के आदेश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में इसकी जांच करने तथा इसकी रिपोर्ट दो सप्ताह में देने को कहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्र सरकार से भी बातचीत की जा रही है।

यह योजना केंद्र पोषित है।

इस बारे में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय छात्रवृति पोर्टल में दी गई आवेदकों की जानकारी संदेहजनक प्रतीत हुई है, जिसमें सरस्वती शिशु मंदिर के नाम से छात्रवृति लेने का प्रकरण भी सामने आया है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसकी जांच करने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव को निर्देशित किया गया है। देवभूमि में भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।’’

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