देश की खबरें | उत्तर प्रदेश : लोक सेवा आयोग के गेट पर छात्रों का आंदोलन, भारी पुलिस बल तैनात

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) प्री, समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ एआरओ) की परीक्षा अलग-अलग तिथियों पर कराने के निर्णय के विरोध में छात्र सोमवार को यहां आयोग के गेट पर धरना प्रदर्शन करने पहुंचे, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उन्हें खदेड़ दिया।

प्रयागराज/लखनऊ 11 नवंबर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) प्री, समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ एआरओ) की परीक्षा अलग-अलग तिथियों पर कराने के निर्णय के विरोध में छात्र सोमवार को यहां आयोग के गेट पर धरना प्रदर्शन करने पहुंचे, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उन्हें खदेड़ दिया।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को युवा विरोधी करार देते हुए विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया और इसकी निंदा की।

उन्होंने दावा करते हुए कहा, “लोक सेवा आयोग में धांधली को रोकने के लिए अभ्यर्थियों ने मांग बुलंद की तो भ्रष्ट भाजपा सरकार हिंसक हो उठी। हम फिर दोहराते हैं कि नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं।”

वहीं, राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और आंदोलकारी छात्रों को भरोसा दिया कि न्याय की लड़ाई में सरकार और वह उनके साथ हैं।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के आसपास भारी संख्या में तैनात पुलिसकर्मियों ने छात्रों को गेट नंबर दो की तरफ आने से रोका, लेकिन छात्र-छात्राओं की भीड़ धक्का मुक्की करते हुए गेट के पास पहुंची और नारेबाजी शुरू की।

पुलिस ने छात्रों को तितर बितर करने के लिए उन्हें खदेड़ा, लेकिन आंदोलनरत छात्र फिर से वहां एकत्रित हो गए।

पुलिस उपायुक्त (नगर) अभिषेक भारती ने कहा, “छात्रों से निर्धारित धरना स्थल गिरजाघर सिविल लाइंस पर जाकर लोकतांत्रिक ढंग से रोध प्रदर्शन करने का अनुरोध किया गया है। काफी छात्र वहां चले भी गए हैं, लेकिन कुछ छात्र अभी आयोग के सामने धरने पर हैं।”

छात्र अंकित पटेल ने कहा कि छात्र पहले की तरह एक ही पाली में परीक्षा चाहते हैं, जिसके लिए यह विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

छात्रा मनोरमा सिंह ने कहा कि दो दिन में परीक्षा कराना नियम के खिलाफ है। उनके मुताबिक, अधिसूचना में आयोग ने इस बात का जिक्र नहीं किया था कि परीक्षा दो दिन में कराई जाएगी तथा छात्र चाहते हैं कि एक ही दिन में परीक्षा संपन्न कराई जाए।

आयोग ने पिछले मंगलवार को इन परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा की थी। पीसीएस प्री की परीक्षा के लिए सात और आठ दिसंबर की तिथि घोषित की गई है जबकि समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ एआरओ) प्री की परीक्षा के लिए 22 और 23 दिसंबर की तिथि घोषित की गई है।

सपा मुख्यालय से जारी एक बयान के अनुसार अखिलेश यादव ने छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार युवा और छात्र विरोधी है।

यादव ने कहा कि इलाहाबाद में यूपीपीसीएस में धांधली को रोकने के लिए अभ्यर्थियों ने जब मांग बुलंद की तो भ्रष्ट भाजपा सरकार हिंसक हो उठी।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ''भाजपा ने नौजवानों को धोखा दिया है, भाजपा की नीतियां नौजवान विरोधी है। समाजवादी पार्टी युवाओं के साथ है और छात्रों व युवाओं की मांग का समर्थन करती है।”

इस बीच, मौर्य ने यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

मौर्य ने अपने आधिकारिक 'एक्स' खाते पर एक पोस्ट में कहा कि ''उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को छात्रों के मुद्दों पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्हें अपने शासनकाल में हुई भर्तियों में भ्रष्टाचार को याद रखना चाहिए।''

इसी पोस्ट में मौर्य ने कहा ''पुलिस अधिकारी संयमित व्यवहार करें और छात्रों पर बल प्रयोग न हो। प्रतियोगी छात्रों से अनुरोध है कि वे अपनी समस्याओं को शांतिपूर्ण तरीके से उठाएं और सपा की राजनीति का शिकार न बनें।''

उप मुख्यमंत्री ने आंदोलकारी छात्रों को भरोसा देते हुए कहा ''आपकी न्याय की लड़ाई में सरकार और मैं सदैव आपके साथ हूं। 2012 से 2017 तक सपा सरकार में क्या क्या हुआ था यह पूरा प्रदेश जानता है।''

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