शाहजहांपुर (उप्र), 16 जून रामगंगा नदी पर यहां बने पांटून पुल को हर साल की तरह इसबार भी बरसात से पहले एहतियान हटाने से प्रदेश के तीन जिलों के करीब तीन लाख लोग प्रभावित होंगे।
इस 115 मीटर पांटून पुल का इस्तेमाल शाहजहांपुर, बदायूं और फर्रुखाबाद के करीब तीन लाख लोग करते हैं और यह उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है।
अधिकारियों ने बताया कि आगामी बरसात के मौसम की वजह से एहतियातन इस पांटून पुल को हटाया जा रहा है।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) त्रिभुवन ने बताया पांटून का पुल एक अस्थायी व्यवस्था है और बरसात तथा बाढ़ का दौर खत्म होने के बाद नदियों पर पांटून पुल बनाए जाते हैं। इसी क्रम में कोलाघाट पर भी अस्थाई पांटून पुल बनाया गया है।
इस पुल के हटने से लोगों को जिला मुख्यालय आने के लिए 100 किलोमीटर लंबा सफर तय करना पड़ेगा जबकि पहले उन्हें पाटून पुल के रास्ते महज 52 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी।
जिले में 2009 में दो नदियों पर बना कोलाघाट पुल, कलान तहसील के ग्रामीणों के आने जाने का एकमात्र साधन था। वर्ष 2021 में यह पुल क्षतिग्रस्त हो गया और लोग नाव के सहारे नदी पार करने लगे। ग्रामीणों के अनुरोध पर पांटून पुल की व्यवस्था कराई गई जिसे 15 जून के बाद हटा दिया जाता है।
कलान के सब डिवीजन मजिस्ट्रेट (एसडीएम) दशरथ कुमार ने ‘पीटीआई-’ को बताया, ‘‘ करीब तीन लोग इस पुल के हटाने से प्रभावित होंगे क्योंकि बदायूं, फर्रूखाबाद और शाहजहांपुर जिले के लोग इस पुल का इस्तेमाल करते हैं।’’
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