कांग्रेस एक साल से अधिक समय से ट्रंप के वित्तीय रिकॉर्ड की मांग कर रही है, जबकि ट्रंप इससे इनकार करते चले आ रहे हैं।
उच्चतम न्यायालय में दो के मुकाबले सात मतों से आदेश आया जिसे ट्रंप के लिए अल्पकालिक जीत कहा जा सकता है।
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देश की शीर्ष अदालत ने मामले को वापस निचली अदालतों में भेज दिया और ऐसा कोई संकेत नहीं है जिससे यह पता चले कि मामले का समाधान अंतत: कब होगा।
शीर्ष अदालत ने कोविड-19 महामारी की वजह से मई में इस मामले में टेलीफोन के जरिए दलीलें सुनी थीं और निर्णय के लिए आज की तारीख निर्धारित की थी।
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ट्रंप से संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड कंपनी ‘मजार्स यूएसए’ के पास हैं जिसने कहा है कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करेगी।
फैसला तब आया जब अदालत ने एक अभियोजक की इस मांग को बरकरार रखा जिसमें कहा गया था कि ट्रंप के वित्तीय रिकॉर्ड को जांच के दायरे में रखा जाना चाहिए जिसमें उन महिलाओं को किया गया भुगतान भी शामिल है जिन्होंने दावा किया था कि ट्रंप के साथ उनके संबंध थे।
शीर्ष अदालत ने ट्रंप के वकीलों और न्याय विभाग की इस दलील को खारिज कर दिया कि राष्ट्रपति को पद पर रहते हुए जांच से छूट प्राप्त है।
एपी
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