विदेश की खबरें | अमेरिकी सीनेट ने भारतीय मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक की एनएसएफ निदेशक के रूप में नियुक्ति पर मुहर लगायी

वाशिंगटन, 20 जून अमेरिकी सीनेट ने भारतीय मूल के मशहूर अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. सेतुरमन पंचनाथन की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के गैर चिकित्सा क्षेत्र में मौलिक अनुसंधान को सहयोग पहुंचाने वाले शीर्ष अमेरिकी संगठन राष्ट्रीय विज्ञान न्यास (एनएसएफ) के निदेशक के रूप में नियुक्ति पर मुहर लगायी है।

एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के 58 वर्षीय वैज्ञानिक पंचनाथन की अगुवाई करेंगे। एनएसएफ शीर्ष अमेरिकी विज्ञान वित्तपोषण निकाय है जिसका वार्षिक बजट 7.4 अरब डालर बजट है।

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अपने दोस्तों एवं परिवार के बीच ‘पंच’ नाम से चर्चित सेतुरमन एक ऐसे बदलावकारी नेता समझे जाते हैं जिनके मानव केंद्रित प्रयास से वैश्विक स्तर पर सकारात्मक बदलाव आये हैं।

शुक्रवार को तीक्ष्ण राजनीतिक विभाजन के बावजूद अमेरिकी सीनेट ने सर्वसम्मति से उनकी नियुक्ति की पुष्टि की जो वर्तमान कांग्रेस में एक दुर्लभ घटना है। यह शीर्ष वैज्ञानिक के रूप में उनकी लोकप्रियता का भी परिचायक है। वाकई, उनके नामांकन प्रक्रिया को सीनेट ने तेजी से कार्रवाई की है।

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वह फ्रासं कोरडोवा की जगह लगेंगे जिनका एनएसएफ के 15 वें निदेशक के रूप में छह साल का कार्यकाल मार्च में समाप्त हुआ था। उम्मीद की जा रही है कि वह छह जुलाई को पदभार ग्रहण करेंगे।

पंचनाथन की वेबसाइट के अनुसार उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा निजी मिशन ऐसे जीवन-बदलावकारी नवोन्मेषों से मानवता को प्ररेणा देना, सशक्त बनाना और उसकी सेवा करना है जिनमें इस बात में बदलाव लाने की क्षमता है कि हम वैश्विक स्तर पर कैसे विभिन्न क्षमताओं को देखते हैं।’’

वह इस प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पद के लिए नामित होने वाले भारतीय मूल के अमेरिकी हैं। पहला सुब्रा सुरेश थे जिन्होंने अक्टूबर, 2010 से मार्च, 2013 तक अपनी सेवा दी।

पंचनाथन ने 1986 में आईआईटी मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की थी और फिर 1989 में ओटावा विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग से पीएचडी की थी।

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