नयी दिल्ली, 25 अगस्त टॉरेन्ट समूह की प्रमुख कंपनी टॉरेंट फार्मास्युटिकल को अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक से राहत मिली है। नियामक ने गुजरात के दहेज स्थित उसके विनिर्माण इकाई के खिलाफ जांच ‘सफलतापूर्वक बंद’ कर दी है और उसे स्वैच्छिक कार्रवाई संकेत (वीएआई) की श्रेणी में रखा है।
वीएआई वर्गीकरण का मतलब है कि आपत्तिजनक स्थितियां या गतिविधियां पाई गईं लेकिन एजेंसी कोई प्रशासनिक या नियामक कार्रवाई करने या सिफारिश करने के लिए तैयार नहीं है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ‘‘संयुक्त राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) ने गुजरात के दहेज स्थित उसके विनिर्माण इकाई के खिलाफ जांच ‘सफलतापूर्वक बंद’ कर दी है और उसे स्वैच्छिक कार्रवाई संकेत (वीएआई) की श्रेणी में रखा है।’’
दहेज इकाई को पहले मार्च 2019 के निरीक्षण परिणाम के आधार पर 'आधिकारिक कार्रवाई संकेत (ओएआई)' वर्गीकरण के तहत रखा गया था।
ओएआई का अर्थ है "निरीक्षण के दौरान आपत्तिजनक स्थितियां पाई गईं और एफडीए द्वारा नियामकीय प्रशासनिक प्रतिबंधों का संकेत दिया गया है।"
यूएसएफडीए द्वारा 17 मई से 25 मई, 2023 के बीच दहेज संयंत्र का फिर से निरीक्षण किया गया था और अधिकारियों ने दो टिप्पणियों के साथ फॉर्म 483 जारी किया था।
फॉर्म 483 निरीक्षण के समापन पर किसी फर्म के प्रबंधन को जारी किया जाता है, जब जांचकर्ता ने कोई ऐसी स्थिति देखी हो जो उसके निर्णय में खाद्य औषधि और कॉस्मेटिक (एफडी एंड सी) अधिनियम और संबंधित अधिनियमों का उल्लंघन हो सकती है।
दहेज संयंत्र का वीएआई वर्गीकरण दवा फर्म के लिए एक बड़ी राहत है। वर्गीकरण से संकेत मिलता है कि कंपनी अब संयंत्र से उत्पादित सभी लंबित जेनेरिक दवाओं के लिए अनुमोदन को लेकर जरूरी आंकड़े (एएनडीए) एफडीए को दे सकेगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY