विदेश की खबरें | अफगानिस्तान से बलों की वापसी संबंधी ट्रम्प की नई घोषणा के बारे में अमेरिकी सेना को कोई जानकारी नहीं

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ट्रम्प की इस घोषणा के बाद रक्षा और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को यह चिंता है कि बलों की वापसी की तिथि तय करने से तालिबान एवं अफगान सरकार के बीच शांति समझौते को अंतिम रूप देने संबंधी वार्ता कमजोर पड़ जाएगी।

ट्रम्प की इस घोषणा के बाद रक्षा और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को यह चिंता है कि बलों की वापसी की तिथि तय करने से तालिबान एवं अफगान सरकार के बीच शांति समझौते को अंतिम रूप देने संबंधी वार्ता कमजोर पड़ जाएगी।

उन्हें इस बात की भी आशंका है कि जल्दबाजी में बलों की वापसी से संवेदनशील सैन्य साजो सामान वहां छूट सकते हैं और उनका अब भी यह कहना है कि तालिबान ने अफगानिस्तान के खिलाफ हिंसा में कमी करने की अनिवार्यता पूरी नहीं की है।

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तालिबान ने बृहस्पतिवार को ट्रम्प के उस ट्वीट का स्वागत किया था, जिसमें उन्होंने क्रिसमस तक अफगानिस्तान से तमाम अमेरिकी सैनिकों की वापसी का वादा किया है।

अगर ट्रम्प की घोषणा के मुताबिक अमेरिकी सैनिकों की वापसी होती है तो यह प्रक्रिया तय समय से महीनों पहले हो जाएगी। ट्रम्प के ट्वीट में अन्य आतंकवादी समूहों से लड़ने के तालिबान के वादे का जिक्र नहीं किया गया है जो अमेरिकी सैनिकों की वापसी की पूर्व शर्त थी।

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उल्लेखनीय है कि अमेरिका और तालिबान के बीच अफगानिस्तान से 19 साल के बाद अमेरिकी सैनिकों की वापसी संबंधी समझौता फरवरी में हुआ था।

समझौते में कहा गया है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी 18 महीनों के भीतर होगी, बशर्ते तालिबान अन्य आतंकवादी समूहों से लड़ने की प्रतिबद्धता का सम्मान करे। तालिबान से सबसे अधिक ध्यान देश में सक्रिय इस्लामिक स्टेट से लड़ने पर देने की अपेक्षा की जा रही है।

अफगानिस्तान में युद्ध के बाद की सूरत तय करने के लिए वार्ताकार दोहा में वार्ता कर रहे हैं लेकिन इससे पहले ही अमेरिका और नाटो ने वहां से अपने सैनिकों की संख्या कम करनी शुरू कर दी है।

कई अमेरिकी अधिकारियों ने अपनी पहचान उजागर न करने की शर्त पर कहा कि उन्हें इस नई समयसीमा के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

इसके बजाए, उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रोबर्ट ओ’ब्रायन के बुधवार के बयानों का जिक्र किया, जिन्होंने लॉस वेगास में कहा था कि ‘‘इस समय करीब 5,000 सैनिक है और अगले साल की शुरुआत में इनकी संख्या कम करके 2,500 की जाएगी।’’

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि बलों की संख्या कम करके अभी 4,500 नहीं की गई है, लेकिन योजनानुसार नवंबर में इस लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा।

ट्रम्प प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ट्रम्प ने अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों की वापसी के लिए बुधवार को एक सीमा तय की और क्योंकि वह कमांडर इन चीफ हैं, इसलिए शेष प्रशासन उनके अनुसार काम करेगा।

नाटो महासचिव जेन्स स्टोल्टनबर्ग से जब ट्रम्प के बयान में पूछा गया, तो उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्हें नई समयसीमा की जानकारी दी गई थी या नहीं।

उन्होंने कहा कि नाटो और उसके सहयोगी समन्वित प्रयास करेंगे और ‘‘जमीनी स्थितियों के आधार पर फैसला करेंगे, क्योंकि हमारा मानना है कि अफगानिस्तान के भविष्य के लिए प्रतिबद्ध रहना बहुत महत्वपूर्ण है’’।

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