अमेरिका और चीन के बीच पहले से मौजूद तनाव इस यात्रा के कारण और बढ़ सकता है। चीन ताइवान पर अपना दावा पेश करता आया है।
अमेरिका और चीन के बीच दक्षिण चीन सागर, व्यापार, प्रौद्योगिकी और कोरोना वायरस महामारी से निपटने के तरीके को लेकर पहले ही तनाव मौजूद है।
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ताइवान में अमेरिका के दूतावास के रूप में काम करने वाले ‘अमेरिकी इंस्टीट्यूट इन ताइवान’ (एआईटी) ने बुधवार को बताया कि अजार की ‘‘ऐतिहासिक यात्रा अमेरिका और ताइवान के संबंधों को मजबूत करेगी और कोविड-19 वैश्विक महामारी से निपटने के लिए अमेरिका और ताइवान के बीच सहयोग बढ़ाएगी’’।
अजार ने एक बयान में कहा, ‘‘ताइवान कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान और उससे पहले भी वैश्विक स्वास्थ्य के मामलों में सहयोग और पारदर्शिता की मिसाल रहा है।’’
चीन ताइवान और अमेरिका के बीच किसी भी प्रकार के आधिकारिक संपर्क का विरोध करता रहा है।
एआईटी ने कहा कि यात्रा की विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी।
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