विदेश की खबरें | ताइवानी राष्ट्रपति के साथ अमेरिकी दूत भी सैन्य स्मारक पर नजर आए
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. हालांकि, चीन द्वारा 1958 में की गई बमबारी में मारे सैनिकों के याद में हर साल आयोजित होने वाले कार्यक्रम को न तो अमेरिकन इंस्टीट्यूट इन ताइवान (एआईटी)के निदेशक वीलियम ब्रेंट क्रिस्टेंनसन ने संबोधित किया न तो साई ने। किनमेन द्वीप ताइवान नियंत्रित द्वीप है, जो मुख्य द्वीप से कुछ दूरी पर स्थित है।
हालांकि, चीन द्वारा 1958 में की गई बमबारी में मारे सैनिकों के याद में हर साल आयोजित होने वाले कार्यक्रम को न तो अमेरिकन इंस्टीट्यूट इन ताइवान (एआईटी)के निदेशक वीलियम ब्रेंट क्रिस्टेंनसन ने संबोधित किया न तो साई ने। किनमेन द्वीप ताइवान नियंत्रित द्वीप है, जो मुख्य द्वीप से कुछ दूरी पर स्थित है।
कोविड-19 महामारी की वजह से कार्यक्रम में शामिल होने वालों ने मास्क पहना हुआ था। मारे गए सैनिकों के सम्मान में एक मिनट का मौन रखा गया है। सैन्य कर्मियों ने मारे गए सैनिकों की कब्रों पर अगरबत्ती जलाई।
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गौरतलब है कि अमेरिका का 1949 में चीन गृहयुद्ध के दौरान कम्युनिस्ट शासित मुख्य भूमि से अलग हुए ताइवान से कोई औपचारिक संबंध नहीं है। हालांकि, चीन से संबंध खराब होने के बाद ट्रम्प प्रशासन ने ताइवान से रिश्तों को बढ़ाने की पहल की। इस महीने अमेरिका के स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री एलेक्स अजर पहले शीर्ष अधिकारी बने जिन्होंने ताइवान की आधिकारिक यात्रा की। इस यात्रा पर चीन ने नाराजगी जताई थी।
आधिकारिक संबंध नहीं होने के बावजदू ताइवान के लिए अमेरिका बेहद महत्वपूर्ण सहयोगी और सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता है। एआईटी दूतावास न होकर गैर लाभकारी निगम है, इसके बावजूद इसके कर्मचारियों की नियुक्ति अमेरिकी विदेश विभाग करता है।
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इस घटनाक्रम पर चीन की तरफ से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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