जरुरी जानकारी | मीथेन गैस कटौती पर भारत के प्रयासों को अमेरिका और कनाडा ने सराहा

नयी दिल्ली, 10 दिसंबर सरकार ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका और कनाडा ने मीथेन गैस में कटौती के लिए भारत के उठाए गए कदमों की प्रशंसा की है।

ग्रीनहाउस गैसों में शामिल मीथेन गैस का उत्सर्जन कम करना बड़ी चिंता का मुद्दा रहा है। इसकी वजह यह है कि मीथेन में कार्बन डाई-ऑक्साइड (सीओ2) की तुलना में 25-28 गुना ज्यादा हानिकारक प्रभाव होता है।

कोयला मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि मीथेन गैस के उत्सर्जन में कटौती के लिए भारत की तरफ से उठाए जा रहे कदमों की अमेरिका और कनाडा ने तारीफ की है।

मीथेन में कटौती पर केंद्रित वैश्विक पहल (जीएमआई) की ऑनलाइन संचालन नेतृत्व बैठक में शामिल कोयला मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव वी के तिवारी ने प्रतिभागी देशों को इस दिशा में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। तिवारी जीएमआई के उपाध्यक्ष भी हैं।

जीएमआई एक स्वैच्छिक सरकारी एवं अनौपचारिक भागीदारी मंच है। इसके 45 सदस्य देशों में अमेरिका एवं कनाडा भी शामिल हैं। इसका गठन मीथेन गैस के उत्सर्जन में कमी लाने के लिए सहयोग एवं भागीदारी के इरादे से किया गया था।

इस मंच का अध्यक्ष इस समय कनाडा है जबकि भारत पहली बार उपाध्यक्ष बना है।

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