लखनऊ, 13 अगस्त राजधानी लखनऊ में राजभवन के नजदीक साढ़े चार महीने की गर्भवती एक महिला ने रविवार को सड़क किनारे अपने बच्चे को जन्म दिया। डॉक्टरों का कहना है कि भ्रूण को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था।
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिस पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी नेता शिवपाल यादव ने उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा भी संभाल रहे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह घटना राज भवन के गेट संख्या 13 के पास हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रमुख सचिव को जांच करके रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार ने सरकारी एंबुलेंस नहीं मंगाई थी।
पाठक ने कहा, ‘‘मैंने टेलीविजन चैनलों पर महिला के पति की बाइट भी देखी और उन्होंने कहीं भी यह नहीं कहा कि उन्होंने एम्बुलेंस मांगी थी। सरकार ने पूरी संवेदनशीलता के साथ काम किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आप यह भी पता लगाएं, प्रथम दृष्टया प्रभावित परिवार ने एम्बुलेंस के लिए फोन नहीं किया। जब घटना हुई तो एक राहगीर ने फोन किया और 20 मिनट में एम्बुलेंस वहां पहुंच गई।’’
भ्रूण को वीरांगना झलकारी बाई महिला एवं बाल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में उसे लखनऊ के बैकुंठ धाम में दफना दिया गया। उपमुख्यमंत्री भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
वीरांगना झलकारी बाई महिला एवं बाल अस्पताल के प्रसव कक्ष में तैनात एक डॉक्टर ने 'पीटीआई-' को बताया कि घटना के बाद प्रसूता रूपा सोनी की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जांच की गई।
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