देश की खबरें | उप्र : उच्‍च न्‍यायालय के आदेश के अनुपालन का भरोसा देने पर अपर मुख्‍य सचिव को मिली राहत

लखनऊ, 10 जुलाई इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने 2021 में उच्च न्यायालय द्वारा पारित एक आदेश का अनुपालन नहीं करने पर अपर मुख्य सचिव (राजस्व) सुधीर गर्ग को सोमवार को फटकार लगाई और उन्हें उसी समय अवमानना के आरोप तय करने की चेतावनी दी।

खंडपीठ ने अवमानना मामले में सोमवार को अपर मुख्य सचिव गर्ग के खिलाफ आरेाप तय करने से उनको तभी राहत दी, जब उन्होंने अदालत को आश्‍वासन दिया कि वह एक सप्‍ताह में सशर्त आदेश का अनुपालन कर देगें।

इस पर पीठ ने अगली सुनवाई 18 जुलाई को तय करते हुए कहा कि यदि आदेश का अनुपालन फिर भी नहीं होता तो गर्ग उक्त तारीख को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होगें और उस दिन उन पर अवमानना करने के आरेाप तय कर दिये जाएंगे।

यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक चौधरी की एकल पीठ ने मुन्नी देवी की ओर से दायर एक अवमानना याचिका पर पारित किया। याची का कहना था कि वेतन संबंधी 11 अगस्त 2021 के उच्‍च न्‍यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है।

इससे पहले सोमवार को गर्ग अदालत बैठते ही सुबह सवा दस बजे अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही एवं अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता अमिताभ राय के साथ अदालत में पहुंच गये। करीब साढ़े चार घंटे सुनवायी का इंतजार करने के बाद जब उनके मामले की सुनवायी का नंबर आया तो अदालत ने सरकारी अधिवक्ता अमिताभ राय से सवाल किया कि आदेश का अनुपालन हो गया है अथवा नहीं?

अदालत के संज्ञान में आने पर कि कई बार आश्‍वासन देने के बाद भी आदेश का अनुपालन नहीं हुआ है तो अदालत ने नाखुशी जताई। पीठ ने कहा कि वह तुरंत ही गर्ग पर अवमानना के आरोप तय करेगी और सजा के बिन्दु पर अगली तारीख पर उन्हें सुनेगी।

अदालत के सख्त रुख को देखते हुए राय की सलाह पर गर्ग ने आश्वासन दिया कि वह आदेश का सशर्त अनुपालन करने के लिए तैयार हैं।

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