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ताजा खबरें | उप्र सरकार गेहूं की ढुलाई व सफाई के लिए बिना रसीद दिए ले रही पैसे : सपा सांसद

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सपा सदस्य जावेद अली खान ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों से गेहूं खरीदने में 20 रूपए प्रति क्विंटल की दर से ढुलाई व सफाई के पैसे ले रही है और लोगों को इस राशि की कोई रसीद भी नहीं दी जा रही है।

ताजा खबरें | उप्र सरकार गेहूं की ढुलाई व सफाई के लिए बिना रसीद दिए ले रही पैसे : सपा सांसद

नयी दिल्ली, 16 सितंबर सपा सदस्य जावेद अली खान ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों से गेहूं खरीदने में 20 रूपए प्रति क्विंटल की दर से ढुलाई व सफाई के पैसे ले रही है और लोगों को इस राशि की कोई रसीद भी नहीं दी जा रही है।

खान ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार ने गेहूं की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 1925 रूपए प्रति क्विंटल तय किया है लेकिन किसानों के हाथ में 1905 रूपए की दर से पैसे आ रहे हैं। 20 रूपए गेहूं की ढुलाई, सफाई आदि के नाम पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लिए जा रहे हैं और इस राशि की कोई रसीद भी नहीं दी जा रही है।

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उन्होंने सरकारी खरीद केंद्र के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें 20 रूपए की दर से नकद देने को कहा गया।

उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इसका सरकारी आदेश मांगा तो वहां के अधिकारी ने उत्तर प्रदेश सरकार का आदेश दिखाया। लेकिन आदेश में यह भी जिक्र था कि केंद्र से मंजूरी मिलने और मुख्यमंत्री की सहमति के बाद किसानों को यह राशि लौटा दी जाएगी।

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उन्होंने कहा कि किसानों को पिछले तीन साल में कोई राशि नहीं लौटायी गयी है। उन्होंने कहा कि इस साल उत्तर प्रदेश में 36 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की गयी और किसानों से 72 करोड़ रुपये लिए गए। राष्ट्रीय स्तर पर यह राशि 780 करोड़ रुपये है।

सभापति एम वेंकैया नायडू ने सरकार से इस मुद्दे पर गौर करने को कहा।

शून्यकाल में ही राकांपा सदस्य वंदना चव्हाण ने समाज के कमजोर तबके के छात्रों की मुश्किलों का जिक्र किया और कहा कि ऐसे बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि करीब 27 प्रतिशत छात्रों के पास न तो स्मार्ट फोन और न ही लैपटॉप या टीवी हैं।

उन्होंने डिजिटल ढांचे को मजबूत बनाने और ऐसे छात्रों को डिजिटल सुविधाएं मुहैया कराने का सरकार से आग्रह किया।

शून्यकाल में ही कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने कोरोना वायरस बीमारी के इलाज में महत्वपूर्ण आक्सीजन की कीमतों में भारी वृद्धि होने पर चिंता जतायी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना आदि राज्यों में आक्सीजन सिलेंडर की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले इसकी कीमत 10 रूपए प्रति क्यूबिक मीटर थी जो बढ़कर 50 रुपये तक बढ़ गयी।

भाजपा के भागवत कराड ने भी यह मुद्दा उठाया और मांग की कि हर राज्य में आक्सीजन की समान और नियमित आपूर्ति हो।

मनोनीत स्वप्न दासगुप्ता ने पिछले दिनों विश्वभारती विश्वविद्यालय में हुयी तोड़फोड़ का मुद्दा उठाया और सुरक्षा के लिए केंद्रीय बल तैनात करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि तोडफोड़ के बाद विश्वविद्यालय 17 अगस्त से ही बंद है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 16, 2020 12:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).