देश की खबरें | उप्र:महिला की मौत मामले में अस्पताल के सीईओ समेत चार के खिलाफ प्राथमिकी, नये मरीज भर्ती करने पर रोक

अमेठी, 17 सितंबर उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के मुंशीगंज थाना क्षेत्र में इलाज में कथित लापरवाही के चलते एक महिला की मौत मामले में संजय गांधी अस्पताल के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सहित चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

इस बीच, उपमुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर तीन सदस्यीय समिति ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यही नहीं, अस्‍पताल में नये मरीजों की भर्ती पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अधिकारी ने बताया कि रविवार तड़के प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार शाम से अस्पताल के मुख्य द्वार पर जारी अपना धरना समाप्त कर दिया।

मुंशीगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अखंड देव मिश्रा के मुताबिक, परिजनों की तहरीर पर संजय गांधी अस्पताल के सीईओ अवधेश शर्मा, जनरल सर्जन डॉ. मोहम्‍मद रजा, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सिद्दीकी और फिजिशियन डॉ. शुभम द्विवेदी के खिलाफ इलाज में लापरवाही से संबंधित धारा 304ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

मिश्रा के अनुसार, शनिवार शाम अमेठी में 22 वर्षीय महिला का शव अस्पताल के सामने रखकर उसके परिजनों ने धरना दिया था। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टरों की कथित लापरवाही की वजह से युवती की मौत हुई। मिश्रा ने बताया कि प्रशासनिक हस्तक्षेप और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद परिजनों का धरना रविवार तड़के चार बजे समाप्त हुआ।

स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्‍सा शिक्षा महकमा संभाल रहे उपमुख्‍यमंत्री पाठक ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने सोशल साइट 'एक्‍स' पर कहा, ''सीएमओ (मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी) अमेठी ने मेरे निर्देश पर संजय गांधी अस्पताल मुंशीगंज में डॉक्टरों की लापरवाही से महिला की मौत मामले की तीन सदस्यीय समिति द्वारा तत्काल प्रारंभिक जांच कराई।''

पाठक ने कहा, ''प्रारंभिक जांच में पाई गई कमियों के आधार पर अस्पताल प्रशासन को क्लीनिकल एक्ट के तहत स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया है। स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद गुण-दोष के आधार पर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उक्त अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कर उसे सील किए जाने की कार्यवाही भी की जाएगी।''

उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन को नये मरीजों को भर्ती न करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, मुंशीगंज कोतवाली थाना क्षेत्र के राम शाहपुर गांव की रहने वाली दिव्या को पेट दर्द की शिकायत थी, जिसके चलते वह इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल पहुंची।

ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों ने दिव्या की पित्त की थैली में पथरी होने की बात कही और 14 सितंबर को उसे एनेस्थीशिया देकर ऑपरेशन थियेटर ले गए।

ग्रामीणों के अनुसार, ऑपरेशन से पहले ही दिव्या कोमा में चली गई और जब वह 30 घंटे तक होश में नहीं आई, तब उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया।

दिव्या के पति अनुज शुक्ला ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पीड़िता को अस्पताल में दिल का दौरा भी पड़ा था।

शुक्ला का दावा है जब उसने अपनी पत्नी को ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था, तब वह पूरी तरह से ठीक थी और सभी जांच रिपोर्ट भी सामान्य आई थीं।

शुक्ला ने कहा कि उसकी पत्नी को अधिक मात्रा में एनेस्थीशिया दिया गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ी और अंततः मौत हो गई।

उसने बताया कि दिव्या ने रविवार तड़के चार बजे अंतिम सांस ली, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस के मुताबिक, धरना शनिवार रात करीब आठ बजे शुरू हुआ था और प्रदर्शनकारी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई और मृतका के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे थे।

संजय गांधी अस्पताल का संचालन संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट, नयी दिल्ली द्वारा किया जाता है। सोनिया गांधी इस ट्रस्ट की अध्यक्ष हैं, जबकि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इसके सदस्य हैं।

अमेठी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) इलामारन जी ने बताया कि इस मामले में जिलाधिकारी के आदेश पर जांच टीम गठित कर दी गई है और रिपोर्ट आने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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