नयी दिल्ली, 13 अगस्त उन्नाव बलात्कार कांड की पीड़िता ने उच्चतम न्यायालय का रुख कर यौन उत्पीड़न मामले में एक आरोपी के पिता द्वारा दायर एक आपराधिक मामले को उत्तर प्रदेश की एक निचली अदालत से दिल्ली स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है।
दिल्ली की एक अदालत ने दिसंबर 2019 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निष्कासित पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को 2017 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव में लड़की के अपहरण और बलात्कार के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। पीड़िता उस समय नाबालिग थी।
उन्नाव की एक अदालत ने हाल में सामूहिक बलात्कार मामले में एक आरोपी शुभम सिंह के पिता द्वारा दायर कथित धोखाधड़ी और जालसाजी की आपराधिक शिकायत पर पीड़िता के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। शुभम के खिलाफ उन्नाव सामूहिक बलात्कार मामले में दिल्ली की एक अदालत में मुकदमा चल रहा है।
उच्चतम न्यायालय में दायर की गई स्थानांतरण याचिका में आरोप लगाया गया है कि पीड़ित लड़की के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में बचाव में मदद के मकसद से उन्नाव की अदालत में ‘‘जवाबी न्यायिक कार्यवाही’’ शुरू की गई है।
दोषसिद्धि और उम्रकैद के खिलाफ सेंगर की अपील दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित है। न्यायालय ने हाल में इस पर केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जवाब मांगा था।
निचली अदालत ने सेंगर को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (2) सहित विभिन्न प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया था।
अदालत ने दोषी को उम्रकैद की अधिकतम सजा सुनाने का फैसला किया था और कहा था कि दोषी अपनी स्वाभाविक उम्र की आखिरी सांस तक जेल में रहेगा। अदालत ने उस पर 25 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया था।
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