विभाजित दक्षेस कोरोना से निपटने में एकजुट
इसके साथ ही सभी धार्मिक समारोहों पर रोक लगा दी गयी है। विश्व बैंक ने भी उनकी त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
इस्लामाबाद / कोलंबो, 21 अप्रैल कोरोना वायरस के कारण पैदा हुए अभूतपूर्व संकट ने दक्षेस देशों को एकजुट कर दिया है। महामारी से लड़ने के लिए क्षेत्र के देशों ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर प्रतिबंध लगाते हुए सख्त लॉकडाउन लागू किया है तथा विशेष आर्थिक पैकेजों की घोषणा करते हए संयुक्त कोष की स्थापना की है।
इसके साथ ही सभी धार्मिक समारोहों पर रोक लगा दी गयी है। विश्व बैंक ने भी उनकी त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
पूरे दक्षिण एशिया के देशों ने कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए तत्परता से कदम उठाए हैं। भारत ने नेतृत्व करते हुए कोविड-19 आकस्मिक निधि में एक करोड़ अमेरिकी डॉलर देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में दक्षेस नेताओं की वीडियो-काफ्रेंसिंग के जरिए बैठक में यह पहल की गयी।
उसके बाद नेपाल और अफगानिस्तान ने दस दस लाख अमेरिकी डॉलर देने की घोषणा की जबकि मालदीव ने दो लाख अमेरिकी डॉलर, भूटान ने एक लाख अमेरिकी डॉलर, बांग्लादेश ने 15 लाख अमेरिकी डॉलर, श्रीलंका ने 50 लाख अमेरिकी डॉलर तथा पाकिस्तान ने 30 लाख डॉलर देने की घोषणा की।
1985 में स्थापित, दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) एक क्षेत्रीय अंतर-सरकारी संगठन है जिसके सदस्यों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम ने समूह को पुनर्जीवित कर दिया। इससे पहले भारत पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से क्षेत्र की सुरक्षा को खतरा का हवाला देते हुए तीन वर्षों में इससे दूर था।
दक्षेस देशों में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक (18,601) मामले भारत में आए हैं। इसके बाद पाकिस्तान में 9,216 लोग संक्रमित हैं। भूटान में सबसे कम केवल छह लोग संक्रमण हैं।
विश्व बैंक ने इसी हफ्ते कहा कि दक्षिण एशिया में सभी सरकारों ने संकट के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दी लेकिन उनका काम कठिन है। सरकारों ने सामाजिक दूरी उपायों को लागू किया है, जरूरतमंद लोगों तक राहत पैकेज पहुंचाया है।
दक्षेस देशों में संक्रमण की दर अमेरिका, इटली, स्पेन, ब्रिटेन, ईरान और चीन जैसे देशों की तुलना में काफी कम है।
महामारी के मद्देनजर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने लोगों से बार-बार "आत्म-अनुशासन" दिखाने और घरों में रहने की अपील की है। इस बीमारी के कारण पाकिस्तान में 192 लोगों की मौत हुयी है।
इमरान की सरकार ने पहले मस्जिदों में नमाज़ पर पाबंदी लगाई थी। उन्होंने रमज़ान के महीने में नमाज़ की सशर्त अनुमति दी है लेकिन मौलवियों से बड़ी सभाओं से बचने को कहा है
श्रीलंका ने आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सोमवार से लॉकडाउन को आंशिक रूप से हटाने की योजना बनाई थी। लेकिन एक दिन में 41 नए मामले सामने आने से उसने फैसला बदल दिया और बंद को 27 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया।
श्रीलंका में संसदीय चुनाव पहले 25 अप्रैल को होने वाला था लेकिन इस महामारी के मद्देनजर उसे लगभग दो महीने के लिए टाल दिया गया है।
बांग्लादेश को कोविड-19 के लिए जोखिम भरा क्षेत्र घोषित किया गया है। उसने पूरे देश में मस्जिदों में सामूहिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है। देश में 2,948 लोग इस बीमारी की चपेट में आए हैं और 101 लोगों की मौत हो गयी है।
नेपाल में 27 अप्रैल तक लॉकडाउन है और वहां कोरोना वायरस के 31 मामलों की पुष्टि हुयी है।
अफगानिस्तान में 1,026 लोगों के कोविड-19 से संक्रमित होने की पुष्टि हुयी है। संक्रमित लोगों में से अधिकतर ईरान की सीमा से लगे हेरात प्रांत से हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2020 06:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

