कोच्चि, 10 जून केन्द्रीय मंत्रियों परषोत्तम रूपाला और एल. मुरुगन ने केन्द्र सरकार के अभियान ‘सागर परिक्रमा’ के सातवें चरण के तहत शनिवार को त्रिशूर और कोच्चि में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और तटवर्ती क्षेत्र के लोगों से बातचीत की।
उन्होंने मत्स्य क्षेत्र में काम करने वालों के ज्ञापन भी स्वीकार किए। केन्द्रीय मंत्रियों ने त्रिपरायरा में ‘सागर परिक्रमा- तीरा सदास’ में हिस्सा लिया और उसे संबोधित किया।
केन्द्रीय मत्स्य विभाग में ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) के रूप में कार्यरत अभिलाष लिखी ने कहा कि भारत सरकार प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत केरल के छोटे मछुआरों के कल्याण एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
मत्स्य पालन मंत्रालय द्वारा पीएमएमएसवाई की शुरुआत भारत में मत्स्य क्षेत्र में पारिस्थितिकी रूप से स्वस्थ, आर्थिक रूप से वहनीय और सामाजिक रूप से समावेशी विकास के लिए की गई थी।
लिखी ने कहा कि केन्द्र सुनिश्चित कर रहा है की मछुआरों की जीविका सुरक्षित रहे और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने एक बयान में कहा कि कोचिन मत्स्य गोदी के आधुनिकीकरण कार्य का शिलान्यास केन्द्रीय मत्स्य पालन मंत्री परषोत्तम रूपाला ने किया है। इसपर 169 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
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