ताजा खबरें | अनुचित तरीके से निशाना बनाया गया, भाजपा का कारण बताओ नोटिस हतोत्साहित करने वाला: जयंत सिन्हा

रांची, 23 मई चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं लेने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नोटिस पर पार्टी सांसद जयंत सिन्हा ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्हें ‘‘अनुचित तरीके से निशाना बनाया गया’’ और नोटिस उनके जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं को हतोत्साहित करने जैसा है।

सिन्हा ने कारण बताओ नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने दो मार्च को ही भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा को सूचित कर दिया था कि वह चुनावी जिम्मेदारियां नहीं निभा पाएंगे क्योंकि वह वैश्विक जलवायु परिवर्तन से संबंधित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

हजारीबाग के सांसद ने यह भी कहा कि पार्टी का यह आरोप लगाना गलत है कि उन्होंने 20 मई को अपना वोट नहीं डाला। सिन्हा ने कहा कि उन्होंने डाक मतपत्र के माध्यम से अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था और मतदान के दिन देश में नहीं थे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया है। उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘पार्टी में मेरे योगदान को देखते हुए आपके पत्र को सार्वजनिक रूप से जारी करना अनुचित है। आपका दृष्टिकोण समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं को हतोत्साहित करता है और पार्टी के सामूहिक प्रयासों को कमजोर करता है। पार्टी के प्रति मेरी निष्ठा और कड़ी मेहनत के बावजूद, ऐसा प्रतीत होता है कि मुझे अनुचित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है।’’

मनीष जायसवाल को हजारीबाग लोकसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद चुनाव प्रचार में भाग नहीं लेने के लिए भाजपा ने सोमवार को सिन्हा को नोटिस भेजकर कहा कि इससे पार्टी की छवि ‘‘खराब’’ हुई।

सिन्हा ने पोस्ट में कहा, ‘‘हम निश्चित रूप से आपकी किसी भी शंका को दूर करने के लिए किसी भी समय व्यक्तिगत रूप से या फोन पर बात कर सकते थे। हजारीबाग लोकसभा चुनाव के लिए जिम्मेदार पार्टी पदाधिकारी के रूप में आप किसी भी समय मुझसे संपर्क कर सकते थे। चुनाव खत्म होने के बाद, मुझे पत्र क्यों भेजा गया यह समझ से परे है।’’

जयंत पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के बेटे हैं।

जयंत सिन्हा ने कहा, ‘‘मैं विदेश में कुछ जरूरी निजी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए 10 मई 2024 से भारत में नहीं हूं। पार्टी ने मुझसे किसी भी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए नहीं कहा, इसलिए मुझे रुकने का कोई कारण नहीं दिखा। भारत छोड़ने से पहले, मैंने डाक मतपत्र प्रक्रिया के माध्यम से अपना वोट भेजा था इसलिए, आपका यह आरोप लगाना गलत है कि मैंने वोट देने की अपनी जिम्मेदारी का पालन नहीं किया।’’

जयंत को नोटिस में भाजपा के प्रदेश महासचिव आदित्य साहू ने कहा था, ‘‘जब से पार्टी ने मनीष जायसवाल को हजारीबाग लोकसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया, तब से आप संगठनात्मक कार्यों और चुनाव प्रचार में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। आपको अपने मताधिकार का प्रयोग करना भी उचित नहीं लगा। आपके आचरण से पार्टी की छवि खराब हुई है।’’

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के निर्देश के बाद पार्टी ने सिन्हा से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा। हजारीबाग से जायसवाल को उम्मीदवार घोषित किए जाने से पहले सिन्हा ने पार्टी नेतृत्व से उन्हें चुनावी राजनीति से मुक्त करने का अनुरोध किया था।

जयंत से पहले यशवंत सिन्हा भी हजारीबाग सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

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