देश की खबरें | स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के द्वितीय चरण के तहत 50 प्रतिशत गांव अब खुले में शौच मुक्त

नयी दिल्ली, 10 मई स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के द्वितीय चरण में देश के 50 प्रतिशत गांवों ने खुले में शौच मुक्त होने का दर्जा हासिल कर लिया है। जलशक्ति मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी।

जल शक्ति मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘‘ अब तक 2.96 लाख से अधिक गांवों ने स्‍वयं को खुले में शौच मुक्त घोषित किया है।’’

मंत्रालय के अनुसार, खुले में शौच मुक्त गांवों के प्रतिशत की दृष्टि से श्रेष्‍ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में तेलंगाना सबसे आगे रहा है। तेलंगाना में शत-प्रतिशत, कर्नाटक में 99.5 प्रतिशत, तमिलनाडु में 97.8 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 95.2 प्रतिशत और गोवा में 95.3 प्रतिशत गांव खुले में शौच से मुक्त हैं।

बयान के अनुसार, केंद्रशासित प्रदेशों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादरा नगर हवेली और दमन दीव और लक्षद्वीप में शत- प्रतिशत खुले में शौच मुक्त आदर्श गांव हैं।

इसमें कहा गया है कि खुले में शौच मुक्त 2,96,928 गांवों में से 2,08,613 गांव ठोस अपशिष्ट प्रबंधन या तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था के साथ खुले में शौच मुक्त आकांक्षी गांव हैं।

मंत्रालय ने बताया कि 32,030 गांव ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और तरल अपशिष्ट प्रबंधन दोनों की व्यवस्था के साथ खुले में शौच मुक्त व्‍यवस्‍था की ओर बढते हुए गांव हैं।

बयान के अनुसार, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के द्वितीय चरण में देश के 50 प्रतिशत गांव ने खुले में शौच मुक्त होने का दर्जा हासिल कर लिया है।

जल शक्ति मंत्रालय ने कहा कि इस साल स्वच्छ भारत मिशन के 9 साल पूरे हो गए हैं और खुले में शौच मुक्त गांवों की यह उपलब्धि 2024-25 तक एसबीएम-जी द्वितीय चरण के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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