जरुरी जानकारी | नये आयकर विधेयक के तहत नियमों, प्रक्रियाओं को स्वरूप देने पर कर रहे हैं काम: सीबीडीटी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के प्रमुख रवि अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि आयकर विभाग नए आयकर विधेयक, 2025 के नियमों और प्रक्रियाओं को स्वरूप देने पर काम कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य छह दशक पुराने प्रत्यक्ष कर कानून को सरल बनाना है।
नयी दिल्ली, 24 जुलाई केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के प्रमुख रवि अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि आयकर विभाग नए आयकर विधेयक, 2025 के नियमों और प्रक्रियाओं को स्वरूप देने पर काम कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य छह दशक पुराने प्रत्यक्ष कर कानून को सरल बनाना है।
अग्रवाल ने यहां 166वें आयकर दिवस समारोह में यह भी कहा कि विभाग ‘सहानुभूति के साथ नियमों के क्रियान्वयन’ के सिद्धांत का पालन कर रहा है। इसके तहत वह करदाताओं को अपने रिटर्न की समीक्षा करने और स्वेच्छा से उसे अद्यतन करने का मौका दे रहा है।
अग्रवाल ने कहा, ‘‘नियमों, प्रपत्रों और प्रक्रियाओं को आकार देने का काम पहले से ही चल रहा है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है... ये परिभाषित करेंगे कि कानून कैसे काम करता है और कैसे व्यवहार करता है। और मुझे विश्वास है कि विधेयक की तरह, ये भी स्पष्टता, सरलता और करदाताओं की सुविधा के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाएंगे।’’
नया आयकर विधेयक, 2025, 13 फरवरी, 2025 को संसद में पेश किया गया था और इसपर विचार के लिए इसे एक संसदीय समिति को भेजा गया था। समिति ने 21 जुलाई को संसद को अपनी रिपोर्ट सौंपी जिसमें आयकर विधेयक में कुछ बदलावों का सुझाव दिया गया है।
अग्रवाल ने कहा कि आयकर विभाग निष्पक्ष कर संग्रह, स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने के माध्यम से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अपनी भूमिका निभाता रहेगा कि हमारी प्रणालियां नागरिकों के भरोसे के योग्य हों।
उन्होंने कहा कि विभाग स्वैच्छिक अनुपालन के लिए आंकड़ा विश्लेषण का उपयोग कर रहा है।
अग्रवाल ने कहा, ‘‘हमारा ‘नज अभियान’ यानी करदाताओं को मार्गदर्शन और सक्षम बनाने के लिए आंकड़ों का गैर-हस्तक्षेपकारी उपयोग के तहत आज विसंगतियों का पता लगाने के लिए लेन-देन स्तर के आंकड़ों का उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘चाहे वह खुलासा की गई आय हो, गलत कटौती हो, या उच्च जोखिम वाले दावे हों। अनुपालन उपायों को तुरंत शुरू करने के बजाय, अब हम करदाताओं को अपनी रिटर्न फाइलिंग की समीक्षा करने और स्वेच्छा से उसे अद्यतन करने का मौका दे रहे हैं। यह सहानुभूति के साथ नियमों को लागू करना है और यह व्यक्तियों पर भरोसा करने के लिए विभाग की विकसित होती मानसिकता को दर्शाता है।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 24, 2025 09:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

