देश की खबरें | योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में सभी आकांक्षात्मक जिलों में चलेगा मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कुपोषण को मिटाने और बच्चों के लिए पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के स्पष्ट उद्देश्य के साथ, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने अब उत्तर प्रदेश के सभी आठ आकांक्षी जिलों में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान शुरू किया है।
लखनऊ, 10 मई कुपोषण को मिटाने और बच्चों के लिए पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के स्पष्ट उद्देश्य के साथ, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने अब उत्तर प्रदेश के सभी आठ आकांक्षी जिलों में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान शुरू किया है।
राज्य सरकार ने शनिवार को एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में बाल कुपोषण के खिलाफ चलाये गये 'संभव अभियान' ने आपेक्षित सफलता प्राप्त की है। प्रदेश के आठ आकांक्षात्मक जिलों में भी 'संभव अभियान' ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है, लेकिन मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश से बाल कुपोषण को जड़ से समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का संचालन करने के निर्देश दिये हैं।
इस अभियान के अनुरूप प्रदेश के सभी आठ आकांक्षात्मक जिलों में संचालन के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की पायलट परियोजना के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा चुकी है। जिसके तहत आकांक्षात्मक जिलों के लगभग 11 लाख बच्चों को पौष्टिक स्वल्पाहार उपलब्ध कराने के लिए 254 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। जल्द ही ये अभियान प्रदेश के सभी आकांक्षात्मक जिलों में शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश से बाल कुपोषण को जड़ से खत्म करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। इसके तहत मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की पायलट परियोजना की कार्य-योजना तैयार की गई है।
इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी आठ आकांक्षात्मक जिलों में तीन से छह वर्ष की आयु के बच्चों को प्रतिदिन 400 कैलोरी और 15 से 20 ग्राम प्रोटीन युक्त स्वल्पाहार उपलब्ध कराया जाएगा।
इस अभियान के तहत आकांक्षात्मक जिलों के 11,13,783 बच्चे चिह्नित किये गये हैं, जिनके स्वल्पाहार के लिए प्रतिदिन 44 रूपये का खर्च आएगा। अभियान के लिये 254.83 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।
मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अंतर्गत बच्चों को फ्लेवर्ड मिल्क, मिलेट चिक्की न्यूट्रीबार, एक केला या मौसमी फल और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ प्रदान किए जाएंगे। विशेष रूप से मिलेट चिक्की न्यूट्रीबार ने वाराणसी जनपद में किए गए प्रारंभिक प्रयोग में सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं।
इसकी स्वीकार्यता और पोषण मूल्य ने बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के संकेत दिए हैं।
आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आकांक्षात्मक जिलों में कुपोषण की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने के लिए ये अभियान जल्द से जल्द लागू किया जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इस दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास न केवल बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाएंगे, बल्कि उन्हें शारीरिक और मानसिक तौर पर भी मजबूत बनाएंगे, जो उनके बेहतर भविष्य के लिये बहुत जरूरी है।
अभियान के तहत बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक स्वल्पाहार वितरित किया जाएगा। साथ ही विशेषज्ञों की टीम समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की निगरानी भी करेगी, ताकि अभियान के प्रभाव का आकलन भी समयबद्ध तरीके से किया जा सके।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2025 04:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

