विदेश की खबरें | ब्रिटेन के विश्वविद्यालय के शोध में भारतीय किसानों के लिए जलशोधन का समाधान मिला

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ब्रिटेन के बर्मिंघम विश्वविद्यालय के जल विशेषज्ञों ने कहा है कि उन्होंने भारत के ग्रामीण कृषक समुदाय के लिए कम ऊर्जा की खपत और अधिक क्षमता वाले जलशोधन का तरीका विकसित किया है, जिससे किसान खारे भूजल और खराब पानी का इस्तेमाल फसलों को उपजाने में कर सकेंगे।

लंदन, 21 अक्टूबर ब्रिटेन के बर्मिंघम विश्वविद्यालय के जल विशेषज्ञों ने कहा है कि उन्होंने भारत के ग्रामीण कृषक समुदाय के लिए कम ऊर्जा की खपत और अधिक क्षमता वाले जलशोधन का तरीका विकसित किया है, जिससे किसान खारे भूजल और खराब पानी का इस्तेमाल फसलों को उपजाने में कर सकेंगे।

बर्मिंघम के इंडिया एच2ओ परियोजना के वैज्ञानिकों ने गुजरात में काम करते हुए आधुनिक मेंब्रेन प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया है जिसमें खारे पानी और घरेलू, औद्योगिक खराब जल को सुरक्षित एवं प्रभावी तरीके से पुनर्चक्रित किया जा सकता है।

यह भी पढ़े | Coronavirus in Pakistan: पाकिस्तान में फिर तबाही मचा सकता है कोरोना वायरस, इमरान हुए परेशान.

लोधवा गांव में काम करते हुए वैज्ञानिकों ने कहा कि उन्होंने एक व्यवस्था विकसित की है जो 80 फीसदी बिना उपयोग वाले भूजल को कम ऊर्जा की खपत में उपयोग के लायक बना सकते हैं। उन्होंने पुष्टि की कि इस इलाके में पानी गुणवत्ता काफी खराब है।

बर्मिंघम विश्वविद्यालय में जल प्रौद्योगिकी के प्रोफेसर फिलीप डेविस ने कहा, ‘‘इंडिया एच2ओ गुजरात में खारे भूजल और घरेलू एवं औद्योगिक खराब जल को कम खर्च में शोधन की तकनीक विकसित कर रहा है, जहां भूजल के अत्यधिक दोहन एवं प्रदूषण के कारण स्वच्छ जल मिलना काफी कठिन हो गया है।’’

यह भी पढ़े | Afghanistan में पाकिस्तानी वीजा के लिए मची भगदड़, 12 महिलाओं की मौत.

उन्होंने कहा, ‘‘नये इंजीनियरिंग समाधान के तहत न्यू रिवर्स और फॉरवर्ड ऑसमोसिस मेम्ब्रेन तकनीक का इस्तेमाल करने से ऊर्जा की खपत कम हो जाती है जिससे सौर ऊर्जा के माध्यम से ग्रामीण भारत में ये प्रणाली प्रभावी तरीके से काम करेंगे। उन्हें भूजल से पेयजल निकालने की क्षमता में 50 फीसदी की बढ़ोतरी करनी चाहिए।’’

उनकी टीम विशेष फसलों को उपजाने के तरीकों को भी विकसित कर रही है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

\