जयपुर, 19 जुलाई राजस्थान के संसदीय कार्य एवं कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने 2022 के कन्हैया लाल हत्याकांड को लेकर तत्कालीन कांग्रेस सरकार की आलोचना की है।
उन्होंने इस हत्याकांड को तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार की "सबसे बड़ी विफलताओं" में से एक बताया।
मंत्री ने यह टिप्पणी इस बहुचर्चित हत्याकांड पर आधारित फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई के बीच की है।
पटेल ने यहां एक कार्यक्रम में फिल्म के संभावित असर की बात करते हुए कहा कि इसके रिलीज होने से 'कई लोगों की जमीन खिसक जाएगी।'
पटेल ने कहा, "कन्हैया लाल हत्याकांड तत्कालीन कांग्रेस सरकार की सबसे बड़ी विफलताओं में से एक है। सुर्खियों में रहने के लिए अशोक गहलोत ने अब ये बयान दिया कि इस हत्याकांड की सुनवाई नहीं हो रही है।''
उन्होंने कहा कि गहलोत के कार्यकाल के दौरान ये हत्याकांड हुआ था जो नहीं होना चाहिए था।
मंत्री ने कहा, ''इस मामले की सुनवाई चल रही है। यह प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए टिप्पणी नहीं कर सकता। सरकार अपनी पैरवी प्रभावी रूप से कर रही है। पूरा विश्वास है कि जल्द ही सुनवाई पूरी होगी और दोषियों को 'मृत्युदंड' मिलेगा।''
विवादास्पद फिल्म को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "फिल्म के रिलीज होने के संबंध में भी मामला अदालत में चल रहा है। न्यायालय में विचाराधीन मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकते। मैं इतना ही कह सकता हूं कि ये फिल्म जिस दिन आएगी अनेक लोगों के पैरों तले जमीन खिसक जाएगी।''
उल्लेखनीय है कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने 10 जुलाई को 'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज पर रोक लगा दी थी। जून 2022 में उदयपुर में दो लोगों ने कन्हैयालाल साहू नामक दर्जी की 'चाकू' से बेरहमी से हत्या कर दी थी। 'उदयपुर फाइल्स' फिल्म इसी घटना पर आधारित है।
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