विदेश की खबरें | संयुक्त अरब अमीरात मंगल व बृहस्पति के बीच क्षुद्रग्रह को लक्षित कर अंतरिक्ष यान भेजेगा

इस मिशन के सफल हो जाने पर संयुक्त अरब अमीरात यूरोपीय संघ, जापान और अमेरिका के विशिष्ट क्लब में शामिल हो जाएगा जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल कर ली है।

अंतरिक्ष यान की बैटरी जब तक चार्ज रहेगी, तब तक यान क्षुद्रग्रह की संरचना के संबंध में पृथ्वी पर जानकारी भेजता रहेगा। इस परियोजना के तहत 2028 में प्रक्षेपण और 2033 में लैंडिंग (उतरने) का लक्ष्य है। पांच साल की यात्रा में अंतरिक्ष यान करीब 3.6 अरब किलोमीटर की दूरी तय करेगा।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अंतरिक्ष एजेंसी की अध्यक्ष तथा राज्य मंत्री सारा अल-अमीरी ने कहा कि इस पर अभी विचार किया जा रहा है कि अमीरात कौन सी जानकारी एकत्र करेगा। लेकिन यह मिशन चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि अंतरिक्ष यान सूर्य के पास और उससे दूर दोनों स्थानों की यात्रा करेगा।

अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि वह इस परियोजना के लिए कोलोरैडो विश्वविद्यालय में वायुमंडलीय विज्ञान और भौतिकी प्रयोगशाला के साथ साझेदारी करेगी। एजेंसी ने इस पर आने वाली लागत के बारे में बताने से इनकार किया। अल-अमीरी ने कहा कि इस बारे में अभी विचार किया जा रहा है कि अंतरिक्ष यान से कौन उपकरण भेजे जाएं।

इस परियोजना से पहले संयुक्त अरब अमीरात ने फरवरी में अपने एक अंतरिक्ष यान को मंगल की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया था। वह यान एक कार के आकार का था और उसे तैयार करने और प्रक्षेपण पर करीब 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर का खर्च आया। क्षुद्रग्रह मिशन की चुनौतियों को देखते हुए इस पर अधिक लागत आने की संभावना है।

अमीरात की योजना 2024 में चंद्रमा पर एक मानव रहित अंतरिक्ष यान भेजने की भी है। उसने 2117 तक मंगल ग्रह पर एक मानव कॉलोनी बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी निर्धारित किया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)