नयी दिल्ली, 12 सितंबर प्रयागराज रेल मंडल के अंतर्गत टूंडला खंड पर रेलवे परिसर में अवैध वेंडर की मौजूदगी को लेकर रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे के वाणिज्य विभाग के बीच नोकझोंक हुई।
इसके बाद प्रयागराज रेल मंडल ने मामले की जांच शुरू कर दी।
वाणिज्यिक विभाग ने आरोप लगाया है कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) अवैध वेंडर का अनुचित पक्ष ले रहा है।
आरपीएफ ने वाणिज्यिक विभाग पर उन वेंडर के प्रति भी अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया है, जो रेलवे परिसर में अपने उत्पाद बेचने के लिए अधिकृत हैं।
वाणिज्यिक विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “रेलवे परिसर और ट्रेन में अवैध सामान बेचना एक बहुत बड़ी समस्या है। ये वेंडर यात्रियों को दूषित और नकली खाद्य उत्पाद बेचते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा होता है। रेलवे परिसर में उन्हें काम करने से रोकना हमारा कर्तव्य है।”
आरपीएफ पर अभियान में सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अवैध वेंडर को पकड़ा और उनके खिलाफ आरोप-पत्र तैयार किया तो कानूनी तौर पर यह आरपीएफ का कर्तव्य था कि वह उन्हें हिरासत में ले।
अधिकारी ने आरोप-पत्र की प्रतियां पेश करते हुए कहा, “हालांकि, वे अवैध वेंडर को हिरासत में लेने से इनकार कर रहे हैं।”
वाणिज्यिक विभाग के एक अन्य अधिकारी ने कहा, “केवल रेलवे मजिस्ट्रेट को ही आरोप-पत्र का निपटारा करने का अधिकार है। लेकिन आरपीएफ अवैध वेंडर को हिरासत में नहीं ले रही है, इसलिए हम इन आरोप-पत्रों का क्या करेंगे? इसलिए, हम इसे रद्द कर रहे हैं और ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करने वाले अवैध वेंडर से जुर्माना वसूल रहे हैं। हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।”
दूसरी ओर, आरपीएफ ने कहा कि वाणिज्यिक विभाग वेंडर को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहा है तथा उन लोगों पर भी जुर्माना लगा रहा है जो उनकी अधिकृत दुकानों पर सामान देने आ रहे हैं।
आरपीएफ के सूत्रों का कहना है कि कुछ मामलों में, जो वेंडर अपना लाइसेंस साथ लाना भूल गए थे, लेकिन उन्होंने बाद में उसकी सॉफ्ट कॉपी का प्रबंध कर लिया था, फिर भी वाणिज्यिक विभाग द्वारा उन पर जुर्माना लगाया जा रहा है।
जब यह मामला उत्तर मध्य रेलवे जोन के मुख्य सुरक्षा आयुक्त ए.के. सिन्हा के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच का आदेश दिया। उनके तहत ही प्रयागराज मंडल आता है।
संपर्क करने पर सिन्हा ने बताया, “मैंने वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त को जांच कर शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा है।”
रेलवे अधिकारियों ने यह भी कहा कि टूंडला जंक्शन सहित कई स्टेशन पर अवैध वेंडर एक बड़ी समस्या बन गए हैं। उनके मुताबिक, ये वेंडर न सिर्फ हानिकारक और अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थ बेचते हैं, बल्कि मोबाइल छीनने व यात्रियों के बैग चोरी करने जैसे छोटे-मोटे अपराधों में भी शामिल होते हैं।
उन्होंने कहा कि टूंडला के स्टेशन मास्टर को घर जाते समय गोली मार दी गई थी और उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा था कि उन्हें अवैध वेंडर का हाथ होने का संदेह है, क्योंकि वह अक्सर उन्हें रेलवे परिसर में प्रवेश करने से रोकते थे।
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