देश की खबरें | आईएसआईएस के दो सदस्यों ने अदालत के समक्ष अपराध स्वीकार किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लक्ष्य से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए मुसलमान युवकों को भर्ती करके देश में आतंकवादी संगठन आईएसआईएस का बेस स्थापित करने का आपराधिक षड्यंत्र रचने के मामले में ‘‘पश्चाताप से भरे’’ दो युवकों ने दिल्ली की एक अदालत में अपना गुनाह कबूला।
नयी दिल्ली, आठ सितंबर भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लक्ष्य से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए मुसलमान युवकों को भर्ती करके देश में आतंकवादी संगठन आईएसआईएस का बेस स्थापित करने का आपराधिक षड्यंत्र रचने के मामले में ‘‘पश्चाताप से भरे’’ दो युवकों ने दिल्ली की एक अदालत में अपना गुनाह कबूला।
वकील कौसर खान ने कहा कि आरोपी अमजद खान और मोहम्मद अलीम ने विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह के समक्ष सोमवार को अर्जी देकर कहा कि ‘‘उन पर जिन गतिविधियों को लेकर इल्जाम लगाए गए हैं, उसका उन्हें पछतावा है’’ और उन्होंने भविष्य में ऐसी गतिविधियों में कभी हिस्सा नहीं लेने की बात कही।
वकील ने अदालत को बताया कि आरोपी समाज की मुख्यधारा में लौटना और अपना पुनर्वास चाहते हैं।
अदालत उनकी याचिका पर संभवत: 11 सितंबर को सुनवाई करेगी।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बताया कि इस संबंध में उसने नौ दिसंबर, 2015 को भारतीय दंड संहिता और यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया था।
एनआईए के अनुसार, आरोपियों ने जुनूद-उल-खिलाफ-फिल-हिन्द संगठन की स्थापना की थी, जिसका लक्ष्य भारत में खलीफा का शासन स्थापित करना और आईएसआईएस के प्रति वफादारी रखना था। जांच एजेंसी के अनुसार, इनका लक्ष्य मुसलमान युवाओं की भर्ती करना और भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देना था। ये सबकुछ वे लोग सीरिया के युसूफ-अल-हिन्दी के इशारे पर कर रहे थे, जो आईएसआईएस का कथित तौर पर मीडिया प्रमुख है।
एनआईए ने आरोपियों के खिलाफ 2016-17 में आरोप पत्र दाखिल किया था।
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