तिरुवनंतपुरम, 31 अगस्त केरल में माकपा की युवा इकाई के दो कार्यकर्ताओं की रविवार रात को एक गिरोह ने हत्या कर दी जिसमें मार्क्सवादी पार्टी के नेतृत्व वाले एलडीएफ ने आरोप लगाए कि हत्या के पीछे कांग्रेस का हाथ है। वहीं कांग्रेस ने सोमवार को आरोपों से इंकार किया।
पुलिस ने सोमवार को बताया कि तिरुवनंतपुरम के वेंजारामोडु के थेम्बामुड में डीवाईएफआई कार्यकर्ता 30 वर्षीय मिथिलाज और 24 वर्षीय हक मोहम्मद पर करीब 11 बजकर 30 मिनट पर धारदार हथियार से हमला किया गया। मिथिलाज की मौत घटनास्थल पर ही हो गई जबकि मोहम्मद की मौत अस्पताल ले जाने के दौरान हुई।
पुलिस ने आशंका जतायी कि माकपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच संदिग्ध दुश्मनी के कारण हत्या हुई होगी। हत्या के कारण ओणम के दिन तनाव फैल गया है।
डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं की हत्या की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने कहा कि शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि मोटरसाइकिल से मिथिलाज के घर जाने के दौरान डीवाईएफआई के कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ। टीवी चैनलों की तरफ से दिखाए गए सीसीटीवी फुटेज में हमलावरों का एक गिरोह दोनों पर हमला करता दिख रहा है।
माकपा के राज्य सचिव कोडियारी बालाकृष्णन ने आरोप लगाया कि हमले के पीछे कांग्रेस नेतृत्व का उच्चस्तरीय षड्यंत्र है।
बालाकृष्णन ने आरोप लगाए, ‘‘यह सुनियोजित हत्या है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की इसमें भूमिका है।’’
उन्होंने कहा कि डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं की ‘‘जघन्य हत्या’’ के विरोध में पार्टी दो सितम्बर को ‘काला दिवस’ मनाएगी।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथला ने कहा कि हत्या में कांग्रेस की कोई भूमिका नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस हमलावरों की पार्टी नहीं है। हम अपनी पार्टी में गुंडों को बढ़ावा नहीं देते हैं।’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार उनकी पार्टी को बदनाम करने के लिए ‘‘दुष्प्रचार’’ कर रही है।
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