विदेश की खबरें | ब्रिटेन में अफगान सिख किशोर की हत्या के आरोप में दो लड़कों को आजीवन कारावास
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

लंदन, 10 मई ब्रिटेन की एक अदालत ने दो किशोरों को लंदन में 16 वर्षीय एक निर्दोष अफगान सिख शरणार्थी की हत्या का बुधवार को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों किशोरों को गलती से प्रतिद्वंद्वी गिरोह का सदस्य समझ लिया गया था।

वनुशन बालकृष्णन और इलियास सुलेमान को लंदन की ओल्ड बेली अदालत में मुकदमें के बाद मार्च में की गई रिशमीत सिंह की हत्या का दोषी ठहराया गया। दोनों 18 साल के हैं।

अदालत में मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश सारा मुनरो ने इस मामले को दुखद बताया और उसने पैरोल पर विचार किए जाने से पहले बालाकृष्णन को कम से कम 24 साल और सुलेमान को कम से कम 21 साल की सजा सुनाई।

न्यायाधीश ने कहा, “यह मामला और भी दुखद है क्योंकि रिशमीत पूरी तरह से निर्दोष था।”

सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि रिशमीत सिंह अक्टूबर 2019 में अपनी मां और दादी के साथ अफगानिस्तान के जलालाबाद से शरण लेने के लिए ब्रिटेन आया था।

पुलिस ने बताया कि दो किशोरों ने सिंह को 15 बार चाकू मारा था।

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