रायपुर, छह जुलाई कांग्रेस पार्टी की मंजूरी के एक सप्ताह बाद बृहस्पतिवार को टी एस सिंहदेव को आधिकारिक रूप से छत्तीसगढ़ का उपमुख्यमंत्री नियुक्त कर दिया गया।
एक सरकारी अधिकारी ने यहां बताया कि राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने टी एस सिंहदेव को छत्तीसगढ़ राज्य का उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने के संबंध में जारी अधिसूचना आज छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित कर दी।
अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सलाह पर सिंहदेव को छत्तीसगढ़ राज्य का उप मुख्यमंत्री नियुक्त किया है।
इससे पहले दिन में मंत्रिमंडल की बैठक से पहले बघेल ने सिंहदेव का गुलदस्ता देकर स्वागत किया। बाद में शाम को सिंहदेव ने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की।
सिंहदेव और बघेल के बीच काफी समय से खींचतान चल रही थी। उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाने के कांग्रेस के फैसले को राज्य इकाई में अंदरूनी खींचतान को रोकने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
हालांकि कुछ राजनीतिक विश्लेषकों ने यह भी कहा है कि इससे आदिवासी समुदाय को निराशा हो सकती है, जो राज्य की आबादी का 32 प्रतिशत है।
सिंह देव के राज्य के उत्तरी हिस्सों, विशेषकर सरगुजा जिले में काफी समर्थन हासिल है। अंबिकापुर के मौजूदा विधायक को पार्टी आलाकमान का भी भरोसा हासिल है।
बघेल और उनके कैबिनेट सहयोगी सिंहदेव के बीच मतभेद 2021 के मध्य में खुलकर सामने आ गए, जब अटकलें लगाई जा रही थीं कि 2018 के विधानसभा चुनावों के बाद हुए एक कथित समझौते के अनुसार, बघेल शेष कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री का पद संभालेंगे।
राज्य में बघेल सरकार के ढाई वर्ष पूरे होने के बाद सिंहदेव जब आलाकमान से मिलने दिल्ली पहुंचे थे तब बघेल के समर्थन में पार्टी के विधायक भी दिल्ली पहुंच गए थे। माना जाता है कि इसके बाद सिंहदेव और बघेल के बीच तल्खी और बढ़ गई।
सिंहदेव की नाराजगी तब और सामने आई जब उन्होंने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली से नाराज होकर पिछले वर्ष पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग से इस्तीफा दे दिया था।
तीन बार के विधायक सिंहदेव को 2013 में विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी ने कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना था। माना जाता है कि राज्य में 2018 में पार्टी को सत्ता में वापस लाने में कांग्रेस के घोषणापत्र का महत्वपूर्ण योगदान था, जिसके पीछे सिंहदेव ही थे।
सिंहदेव का जन्म 31 अक्टूबर 1952 को इलाहाबाद में सरगुजा के शाही परिवार में हुआ था। उनके पिता एम एस सिंहदेव प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे तथा तत्कालीन मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी मां देवेन्द्र कुमारी मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री थीं।
उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत अंबिकापुर नगर परिषद से हुई, जिसके वह 1983-88 और 1995-99 के दौरान दो बार अध्यक्ष रहे। वह पहली बार 2008 में अंबिकापुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए।
आम जनता और राजनीतिक विरोधियों के बीच सिंहदेव को मृदुभाषी, जमीन से जुड़े और विनम्र व्यक्ति के रूप में देखा जाता है।
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