देश की खबरें | त्रिवेंद्र रावत का गोडसे को ‘देशभक्त’ बताना राष्ट्र का अपमान, उन्हें भाजपा से बाहर किया जाए: कांग्रेस

नयी दिल्ली, नौ जून कांग्रेस ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को ‘देशभक्त’ बताने वाले बयान की निंदा करते हुए शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यह सुनिश्चित करें कि रावत को भारतीय जनता पार्टी से बाहर किया जाए।

पार्टी के संचार विभाग के सचिव वैभव वालिया ने यह भी कहा कि अगर रावत को भाजपा से नहीं निकाला जाता है तो यह समझा जाएगा कि उनके बयान पर प्रधानमंत्री की रजामंदी है।

वालिया ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया। राष्ट्रपिता के हत्यारे को राष्ट्रभक्त बोलना सिर्फ राष्ट्रपिता का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र का अपमान है। लेकिन यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी कई बार भाजपा के नेता महात्मा गांधी का अपमान कर चुके हैं। ’’

उन्होंने दावा किया , ‘‘ प्रधानमंत्री देश और विदेश में गांधी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व के बारे में बातें करते हैं। लेकिन वह भाजपा नेताओं द्वारा गांधी जी का अपमान किए जाने पर खामोश रहते हैं। वह विदेशों में जाकर बापू की प्रतिमा पर फूल चढ़ाते हैं , लेकिन जब देश में उनके ही सांसद , पूर्व मंत्री और नेता, गांधी जी का अपमान करते हैं तब वह चुप रहते हैं। ’’

कांग्रेस नेता ने कहा , ‘‘ यदि हम भाजपा के नेताओं , प्रवक्ताओं और उनसे जुड़े संगठनों द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किए गए बापू के हर अपमान का ज़िक्र करने लगें तो एक पूरी किताब लिखनी पड़ेगी। ’’

उनके मुताबिक , ‘‘ भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने भी 2019 में त्रिवेंद्र सिंह रावत की तरह गोडसे को देशभक्त कहा था। उस समय मोदी जी ने कहा था कि मैं कभी दिल से उन्हें माफ नहीं करूंगा। आज तक प्रज्ञा ठाकुर के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं हुई। ’’

वालिया ने दावा किया , ‘‘ भाजपा में नंबर दो का स्थान रखने वाले अमित शाह ने 2017 में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी जी को ' चतुर बनिया ' कहा था। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने नरेन्द्र मोदी को राष्ट्रपिता (देश का बाप) बताया था। असम से भाजपा सांसद कामाख्या प्रसाद ने महात्मा गांधी की तुलना कचरे से की थी।भाजपा नेता अनंत हेगड़े ने बापू के स्वतंत्रता संघर्ष को ड्रामा बताया था। ’’

उन्होंने कहा , ‘‘ हम प्रधानमंत्री से मांग करते हैं कि यदि उनके दिल में गांधी जी के लिए सही मायने में कोई स्थान है तो इस बार निर्णायक फ़ैसला करें। त्रिवेंद्र सिंह रावत को पार्टी से बाहर करें एवं एक ज़ोरदार संदेश दें। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो गांधी जी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाना और उनको लेकर बातें करना बंद करें। ’’

वालिया का कहना था , ‘‘ राहुल गांधी जी कहते हैं कि देश में गांधी और गोडसे की सोच के बीच लड़ाई चल रही है। हमारा स्पष्ट तौर पर मानना है कि गांधी जी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का महिमामंडन हमेशा के लिए बंद होना चाहिए। नफ़रत की राजनीति बंद होनी चाहिए। इसीलिए राहुल गांधी जी नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान खोल रहे हैं। ’’

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देश भक्त करार दिया और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का मखौल उड़ाते हुए कहा था कि उनका ‘ केवल ’ उपनाम गांधी है ।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने बुधवार को बलिया स्थित पार्टी के जिला मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में कहा " गांधी जी को मारा गया, वो एक अलग मुद्दा है‌। जहां तक मैंने गोडसे को जाना और पढ़ा है , वह भी एक देशभक्त थे। गांधी जी की जो हत्या हुई , उससे हम सहमत नहीं हैं। ’’

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