देश की खबरें | त्रिपुरा : न्यायाधीश पर हमला करने के मामले में माकपा के तीन नेताओं ने किया आत्मसमर्पण
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. त्रिपुरा में विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के तीन नेताओं ने 2015 में बंद के दौरान एक न्यायाधीश पर हमले के सिलसिले में दक्षिण त्रिपुरा जिले की एक अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।
अगरतला, दो मार्च त्रिपुरा में विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के तीन नेताओं ने 2015 में बंद के दौरान एक न्यायाधीश पर हमले के सिलसिले में दक्षिण त्रिपुरा जिले की एक अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।
उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार माकपा की दक्षिण त्रिपुरा जिला इकाई के सचिव तापस दत्ता, अखिल भारतीय कृषक सभा के बेलोनिया मंडल के सचिव बाबुल देबनाथ और त्रिलोकेश सिन्हा ने शनिवार को आत्मसमर्पण कर दिया।
तीनों नेताओं ने दो सितंबर 2015 को वामपंथी ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए बंद को लागू करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूहिदास पॉल पर कथित रूप से हमला किया था।
यह घटना उस समय की है, जब राज्य में वाम मोर्चा की सरकार थी
पुलिस ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए बेलोनिया पुलिस थाने में मामला दर्ज किया था। अपनी प्रारंभिक गिरफ्तारी के बाद तीनों नेताओं को उच्चतम न्यायालय से जमानत मिल गयी।
उच्चतम न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 18 मार्च तय की है।
मई 2023 में जिला एवं सत्र न्यायालय ने उन्हें गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने, न्यायालय परिसर में अशांति फैलाने और न्यायिक अधिकारी पर हमला करने का दोषी ठहराते हुए दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।
उन्होंने उच्च न्यायालय में सजा के खिलाफ अपील की, जहां फैसला बरकरार रखा गया। इसके बाद उन्होंने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसने उन्हें आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। उच्चतम न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 18 मार्च तय की है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)