अगरतला, एक जनवरी त्रिपुरा के वरिष्ठ मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सत्तारूढ़ सहयोगी आईपीएफटी के संस्थापक-अध्यक्ष एन. सी. देबबर्मा का रविवार को मस्तिष्काघात (सेरिब्रल स्ट्रोक) के कारण निधन हो गया।
वह 80 वर्ष के थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, चार बेटे और तीन बेटियां हैं।
भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने आदिवासी नेता के सम्मान में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देबबर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि उन्हें आने वाली पीढ़ियां एक मेहनती जमीनी नेता के रूप में याद रखेंगी जिन्होंने हमेशा लोगों की भलाई के लिए काम किया।
मोदी ने श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया, ‘‘श्री एन. सी. देबबर्मा जी को आने वाली पीढ़ियां एक मेहनती जमीनी नेता के रूप में याद करेंगी, जिन्होंने हमेशा लोगों की भलाई के लिए काम किया। उन्होंने त्रिपुरा की प्रगति में बहुमूल्य योगदान दिया। उनके निधन से दुख हुआ। उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना। ओम शांति।’’
भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘‘त्रिपुरा सरकार में वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री देबबर्मा जी के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। त्रिपुरा के लोगों के उत्थान और इसकी प्रगति में उनकी भूमिका के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। उनके परिवार और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।’’
‘इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा’ (आईपीएफटी) के प्रवक्ता अमित देबबर्मा ने बताया कि राज्य के राजस्व एवं वन मंत्री की हालत पिछले कुछ महीनों से ठीक नहीं थी और वह मधुमेह से भी पीड़ित थे।
प्रवक्ता ने बताया कि उन्हें शनिवार को मस्तिष्काघात हुआ था और उन्हें यहां एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी सर्जरी हुई, लेकिन रविवार अपराह्न 2.45 बजे उनका निधन हो गया।
ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर), अगरतला के निदेशक के रूप में अपनी सेवानिवृत्ति के बाद देबबर्मा ने 2009 में आईपीएफटी की स्थापना की थी
उन्होंने 2018 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा के साथ गठबंधन किया और माणिक सरकार के नेतृत्व वाली वाममोर्चा सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया, जो 25 साल से सत्तारूढ़ थी।
आईपीएफटी ने उनके नेतृत्व में पिछले विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित नौ में से आठ सीट पर जीत हासिल की थी।
मेवार कुमार जमातिया के साथ देबबर्मा को बिप्लब कुमार देब के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने देबबर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘राज्य मंत्रिमंडल के एक वरिष्ठ सदस्य - एन सी देबबर्मा के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है और शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। उनकी दिवंगत आत्मा को शांति मिले।’’
उन्होंने कहा कि सरकार ने दिवंगत नेता के सम्मान में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।
उनका अंतिम संस्कार सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ खोवाई जिले के उनके पैतृक गांव उत्तर महारानीपुर में किया जाएगा।
विपक्षी दलों ने भी देबबर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया।
टिपरा मोथा के प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘वरिष्ठ नेता एवं मंत्री देबबर्मा के निधन के बारे में सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है। वह राज्य में स्वदेशी अधिकारों की प्रमुख आवाज थे और समाज में उनके योगदान के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। उनके परिवार, दोस्तों और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।’’
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी और पार्टी विधायक सुधन दास और रतन भौमिक ने भी देबबर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने कहा, ‘‘एन. सी. देबबर्मा के निधन से मुझे बहुत दुख हुआ है। यह राज्य और इसकी राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है। वह एक ईमानदार और अनुभवी राजनीतिज्ञ थे। जब मैं स्वास्थ्य मंत्री था तब मैंने उनके साथ 18 महीने काम किया था और यह मेरे लिए यादगार अनुभव था।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY