विदेश की खबरें | अमेरिका में तीन रंगों वाले चमगादड़ के विलुप्त होने का खतरा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. यह चमगादड़ों के बीच तेजी से फैलते फंगल (कवक) संक्रमण के चलते अमेरिका में विलुप्तप्राय जीवों की सूची में शामिल किए जाने के लिए अनुसंशित चमगादड़ों की दूसरी नस्ल है।
यह चमगादड़ों के बीच तेजी से फैलते फंगल (कवक) संक्रमण के चलते अमेरिका में विलुप्तप्राय जीवों की सूची में शामिल किए जाने के लिए अनुसंशित चमगादड़ों की दूसरी नस्ल है।
अमेरिका मत्स्य एवं वन्यजीव सेवा ने लंबे कानों वाले चमगादड़ों की नस्ल को संकटग्रस्त जीवों की सूची से निकालकर विलुप्तप्राय जीवों की सूची में डालने की सिफारिश की थी, क्योंकि ये जीव विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गए थे।
लंबे कानों वाले चमगादड़ और तीन रंगों वाले चमगादड़ उत्तरी अमेरिका में चमगादड़ों की उन दर्जन भर नस्लों में शामिल हैं, जो ‘व्हाइट-नोज सिंड्रोम’ से जूझ रहे हैं। यह रोग इन नस्लों की शीत-निष्क्रियता (विंटर हाइबरनेशन) को बाधित करता है, जो उनके अस्तित्व के लिए बेहद अहम है।
मत्स्य एवं वन्यजीव सेवा की निदेशक मारथा विलियम्स ने कहा, ‘‘व्हाइट-नोज सिंड्रोम तीन रंगों वाले चमगादड़ सहित अन्य नस्लों को अभूतपूर्व दर पर नष्ट कर रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘चमगादड़ एक स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। मत्स्य एवं वन्यजीव सेवा तीन रंगों वाले चमगादड़ पर आगे के प्रभावों को कम करने और उनका अस्तित्व बनाए रखने के लिए भागीदारों के साथ हमारे महत्वपूर्ण अनुसंधान और सहयोगात्मक प्रयासों को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।’’
अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक, चमगादड़ कीट नियंत्रण और फसलों के परागण के माध्यम से अमेरिकी कृषि अर्थव्यवस्था को सालाना तीन अरब डॉलर का बढ़ावा देते हैं।
व्हाइट-नोज सिंड्रोम ने साल 2006 में पहली बार अमेरिका के न्यूयॉर्क प्रांत में दस्तक दी थी और तब से यह तीन रंगों वाले चमगादड़ों की आबादी में 90 फीसदी कमी की वजह बन चुका है।
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