कोलकाता, 10 जुलाई तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सोमवार को कहा कि पार्टी का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मणिपुर में जातीय हिंसा से प्रभावित लोगों तक पहुंचने के लिए 14 जुलाई को राज्य का दौरा करेगा।
मई की शुरुआत में मणिपुर में भड़की हिंसा में अब तक 120 से अधिक लोग मारे गए हैं।
प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन एवं सुष्मिता देव तथा लोकसभा सदस्य काकोली घोष दस्तीदार एवं कल्याण बनर्जी शामिल होंगे।
टीएमसी ने ट्वीट किया, ‘‘तृणमूल कांग्रेस के सांसदों का चार सदस्यीय तथ्यान्वेषी प्रतिनिधिमंडल 14 जुलाई को मणिपुर का दौरा करेगा... (यह) प्रभावित लोगों तक पहुंचेगा और ‘डबल इंजन’ राज्य के लिए कुछ मरहम सुविधाएं प्रदान करेगा, जिसे भाजपा सरकार ने पिछले तीन महीनों में नजरअंदाज किया है।’’
पार्टी ने बाद में कहा, "प्रतिनिधिमंडल का मणिपुर दौरा। पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल। इसमें सुष्मिता देव शामिल हैं।"
टीएमसी आरोप लगाती रही है कि केंद्र और पूर्वोत्तर राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों की विभाजनकारी नीतियों के कारण मणिपुर में जातीय संघर्ष हुआ है।
तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल भेजने के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा की बंगाल इकाई ने कहा कि टीएमसी को पहले उन जिलों में तथ्यान्वेषी दल भेजना चाहिए, जहां आठ जुलाई को पंचायत चुनावों के दौरान हिंसा में 15 लोगों की जान चली गई।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘आठ जून को चुनावों की घोषणा होने के बाद से पूरी पंचायत चुनाव प्रक्रिया में बहुत से लोगों की मौत हो गई है। उन्हें पहले ऐसे क्षेत्रों में तथ्यान्वेषी दल भेजना चाहिए और पीड़ितों परिवारों से बात करनी चाहिए। यह बंगाल में हो रही हिंसा से ध्यान भटकाने की कोशिश है।’’
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