देश की खबरें | तृणमूल कांग्रेस ने बालासोर हादसे की रिपोर्ट पर कहा, यात्री सुरक्षा से अधिक प्रचार को तरजीह दी गई

नयी दिल्ली, चार जुलाई तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने ‘‘यात्रियों की सुरक्षा से अधिक प्रचार को प्राथमिकता दी’’ और भारतीय रेलवे के गंभीर मुद्दों को लेकर विपक्ष द्वारा जताई गई चिंता को नजरअंदाज किया।

बालासोर में दो जून को तीन रेलगाड़ियों के एक साथ दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना की जांच रिपोर्ट में कई स्तर पर खामियों को रेखांकित किया गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने दावा किया कि देश में चलने वाली यात्री रेलगाड़ी ‘चलती-फिरती मुर्दाघर’ बन गई हैं।

ओब्रायन ने कहा, ‘‘भारत में यात्री रेलगाड़ियों को नजरअंदाज किया गया और वे चलती-फिरती मुर्दाघर बन गई हैं। संसद में विपक्षी पार्टियों ने अकसर गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया और सकारात्मक सुझाव दिए। लेकिन किसी ने नहीं सुनी क्योंकि पीएस (यात्री सुरक्षा) के मुकाबले पीआर (प्रचार) को प्राथमिकता दी गई।’’

उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या रख-रखाव को इसलिए नजरअंदाज किया गया क्योंकि यह सेवा का कार्य था, न कि दिखावटी प्रचार का माध्यम?’’

उल्लेखनीय है कि रेलवे संरक्षा आयोग (सीआरएस) की उच्च स्तरीय जांच में पाया गया कि ‘‘गलत सिग्लन’ बालासोर में हुए भीषण रेल हादसे का मुख्य कारण बना। जांच में सिग्नलिंग और दूरसंचार (एस ऐंड टी) विभाग में ‘‘ कई स्तर पर खामियों’’ को रेखांकित किया गया है। रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि अगर खामियों से पहले अवगत कराया गया होता तो हादसे को टाला जा सकता था।

रेलवे बोर्ड को सौंपी गई स्वतंत्र जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सिग्नलिंग कार्य में खामियों के बावजूद, एस ऐंड टी कर्मचारियों द्वारा उपचारात्मक कार्रवाई की जा सकती थी बशर्ते बाहानागा बाजार स्टेशन जहां पर हादसा हुआ था, के प्रबंधक ने दो समानांतर पटरियों को जोड़ने वाले स्विचों के ‘‘बार-बार असामान्य व्यवहार’’ की सूचना दी होती।

गौरतलब है कि दो जून को हुए रेल हादसे में 293 यात्रियों की जान चली गई थी और एक हजार से अधिक यात्री घायल हुए थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)