देश की खबरें | सभी समुदायों के अधिकारों की रक्षा और सुरक्षा के लिए सर्वोत्तम प्रयास किया: मणिपुर सरकार

नयी दिल्ली, 10 जुलाई मणिपुर सरकार ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि उसने हिंसा प्रभावित राज्य में जाति, पंथ, धर्म, जनजाति, समुदाय आदि से परे सभी नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए सर्वोत्तम प्रयास किया।

राज्य के मुख्य सचिव द्वारा दायर अद्यतन स्थिति रिपोर्ट को प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने रिकॉर्ड पर लिया। पीठ ने विभिन्न जातीय समूहों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों से राज्य में सामान्य स्थिति और शांति बहाल करने के लिए कुछ सकारात्मक सुझाव देने को कहा।

रिपोर्ट में शीर्ष अदालत से आग्रह किया गया है कि इस मामले को याचिकाकर्ताओं और अन्य पक्षों द्वारा अत्यधिक संवेदनशीलता के साथ उठाया जाना चाहिए, क्योंकि किसी भी गलत सूचना, अफवाह या संदेह से मणिपुर में स्थिति बिगड़ सकती है, जहां केंद्र और राज्य सरकारों के ठोस प्रयासों से चीजें धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं।

इसमें यह भी कहा गया कि याचिकाकर्ताओं- ‘एनजीओ मणिपुर ट्राइबल फोरम’ को सुनवाई के दौरान उन जनजातियों और धर्मों का नाम लेने से दूर रहना चाहिए जिनसे वे संबंधित हैं क्योंकि जाने-अनजाने में इसका जमीनी स्तर पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।

इसमें कहा गया है कि राज्य पुलिस नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में राज्य में स्थिति सामान्य बनाने का प्रयास कर रही है और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) लागू की गई हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आवेदकों से ‘अंडरटेकिंग’ प्राप्त करने के बाद केस-दर-केस के आधार पर इंटरनेट लीज्ड लाइन्स (आईएलएल) की अनुमति देकर इंटरनेट निलंबन में सशर्त छूट दी गई है, ताकि उचित कामकाज की सुविधा मिल सके। पूरे राज्य में तीन मई, 2023 को इंटरनेट निलंबित कर दिया गया था।

मुख्य सचिव ने एक पुलिस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि चार जुलाई 2023 तक लगभग 5995 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और उनकी पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि छह महत्वपूर्ण प्राथमिकी स्वतंत्र जांच के लिए पहले ही सीबीआई को हस्तांतरित कर दी गई हैं।

राज्य सरकार ने कहा कि केंद्र ने हिंसा की घटनाओं और संघर्ष के कारणों की जांच के लिए गुवाहाटी उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अजय लांबा की अध्यक्षता में एक जांच आयोग का गठन किया है।

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