देश की खबरें | गैर मान्यताप्राप्त कॉलेज से एमबीबीएस छात्र का मान्यताप्राप्त कॉलेज में स्थानांतरण अनुचित : उच्चतम न्यायालय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि चिकित्सा पाठ्यक्रम में स्नातक कर रहे किसी छात्र का किसी दूसरे कॉलेज में स्थानांतरण तभी मान्य है जब दोनों कॉलेज कानून के तहत केन्द्र सरकार से मान्यताप्राप्त हों।

नयी दिल्ली, चार फरवरी उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि चिकित्सा पाठ्यक्रम में स्नातक कर रहे किसी छात्र का किसी दूसरे कॉलेज में स्थानांतरण तभी मान्य है जब दोनों कॉलेज कानून के तहत केन्द्र सरकार से मान्यताप्राप्त हों।

न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की पीठ ने राजस्थान उच्च न्यायालय के उस फैसले को दरकिनार कर दिया जिसमें भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (एमसीआई) को निर्देश दिया गया था कि वह एक गैर मान्यताप्राप्त कॉलेज से एक एमबीबीएस छात्रा को मान्यताप्राप्त कॉलेज में स्थानांतरित करने की अनुमति दे।

पीठ ने कहा, ‘‘उच्च न्यायालय द्वारा की गई स्थानांतरण नियमों के नियम 6(2) की व्याख्या स्पष्टत: गलत है। नियम गैर मान्यता प्राप्त कॉलेज से मान्यताप्राप्त कॉलेज में स्थानांतरण पर स्पष्ट रूप से रोक लगाता है। नियम 6(2) कहता है कि स्थानांतरण केवल तभी मान्य है जब दोनों कॉलेज भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद कानून 1956 के नियम 11(2) के तहत मान्यताप्राप्त हों।’’

पीठ राजस्थान उच्च न्यायालय के सितंबर 2020 के उस फैसले के खिलाफ एमसीआई की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें छात्रा आंचल परिहार के स्थानांतरण को मंजूरी दे दी गई थी और कहा गया था कि शब्द ‘स्थानांतरण’ केवल भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा व्यापक है।

परिहार अनंत इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर, राजसमंद में पढ़ाई कर रही थी और उसने 2019 में निदेशक मंडल से डॉ. एस एन मेडिकल कॉलेज, जोधपुर में अपने स्थानंतरण को मंजूरी देने का आग्रह किया था।

एमसीआई ने इस आधार पर उसके आग्रह को खारिज कर दिया था कि यह स्थानांतरण नियम के तहत मान्य नहीं है।

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