देश की खबरें | टूजी मामला : उच्च न्यायालय ने जिरह के लिए एएसजी की नियुक्ति पर स्पष्टीकरण मांगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को अतिरिक्त सोलीसीटर जनरल (एएसजी) संजय जैन से कहा कि स्पष्ट करें कि क्या पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और अन्य को टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में बरी करने के खिलाफ सीबीआई और ईडी की अपील पर जिरह करने के लिए उन्हें अभियोजक नियुक्त करने की खातिर सरकार ने कोई अधिसूचना जारी की है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को अतिरिक्त सोलीसीटर जनरल (एएसजी) संजय जैन से कहा कि स्पष्ट करें कि क्या पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और अन्य को टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में बरी करने के खिलाफ सीबीआई और ईडी की अपील पर जिरह करने के लिए उन्हें अभियोजक नियुक्त करने की खातिर सरकार ने कोई अधिसूचना जारी की है।

मामले में बरी हो चुके एक व्यक्ति के वकील ने उच्च न्यायालय को सूचित किया कि फरवरी 2018 को जारी एक अधिसूचना के माध्यम से तत्कालीन एएसजी तुषार मेहता को टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला से जुड़े मामलों में अभियोजन चलाने या अपील दायर करने और समीक्षा के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया था।

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न्यायमूर्ति बृजेश सेठी ने कहा, ‘‘मुझे पता है कि पहले तुषार मेहता के पक्ष में अधिसूचना जारी की गई थी। मुझे उम्मीद और विश्वास है कि इसमें किसी तरह का प्रतिनिधित्व का मामला है। उस पहलू पर मुझे स्पष्टीकरण चाहिए।’’

इस पर एएसजी जैन ने कहा कि सीबीआई के लिए वकील रिपु दमन भारद्वाज हैं और इस मामले में उनसे (जैन) पेश होने का आग्रह किया गया था, इसलिए वह पेश हुए।

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उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर निर्देश प्राप्त करेंगे और मंगलवार को अदालत को सूचित करेंगे।

कुसेगांव फल एवं सब्जी प्राइवेट लिमिटेड के प्रवर्तक आसिफ बलवा की याचिका पर जिरह हुई, जिसमें मामले में आरोपी के बरी किए जाने के खिलाफ सीबीआई की अपील पर केंद्र सरकार के मंजूरी वाले पत्र की प्रति मांगी गई थी।

आसिफ की तरफ से पेश वकील विजय अग्रवाल, मुदित जैन और अशुल अग्रवाल ने कहा कि सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत सीबीआई ने आवश्यक प्राधिकार की जानकारी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि वकील संजीव भंडारी के हस्ताक्षर से अपील दायर की गई जिस पर विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) की मुहर लगी हुई है।

अग्रवाल ने कहा, ‘‘टू जी मामलों में एसपीपी की नियुक्ति विशेष अधिसूचना के माध्यम से होती है। सुनवाई के लिए पहले अधिसूचना जारी की गई थी जिसके बाद फरवरी 2018 में अधिसूचना के माध्यम से तुषार मेहता को एसपीपी के तौर पर काम करने के लिए नियुक्त किया गया। अधिसूचना टू जी मामलों के लिए विशिष्ट तौर पर था और इसलिए दायर अपील बिना प्राधिकार के है और सीबीआई को इस बारे में अदालत को स्पष्टीकरण देना चाहिए।’’

इस पर जैन ने कहा कि केंद्र की तरफ से अपील के लिए आदेश पारित किया गया था और अगर अदालत को जरूरत है तो वह दस्तावेज को बंद लिफाफे में पेश करेंगे।

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